
आज, 4 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा का शुभ संयोग है। यह साल की आखिरी और सबसे शक्तिशाली पूर्णिमा मानी जाती है, जब चंद्रमा अपनी पूर्ण रोशनी में होता है। इस दिन गजकेसरी योग भी बन रहा है, जिसे ज्योतिष में बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की ऊर्जा अपने शिखर पर होती है, जो मनोकामना पूरी करने और भाग्य बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम अवसर प्रदान करती है।

क्या है गजकेसरी योग और इसका महत्व?
Gajkesari Yoga: ज्योतिष के अनुसार, गजकेसरी योग तब बनता है जब देव गुरु बृहस्पति और चंद्रमा एक-दूसरे से केंद्र भाव में स्थित होते हैं। इस योग का अर्थ है हाथी जैसी ताकत और शेर जैसा पराक्रम। यह योग धन, ज्ञान, समृद्धि, सम्मान और हर क्षेत्र में सफलता देने वाला माना जाता है। जब गजकेसरी योग के प्रभाव में पूर्णिमा के दिन चंद्र साधना की जाती है, तो आपके संकल्प की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
दो मनोकामना पूरी करने के लिए करें ये चंद्र साधना
ज्योतिषियों के अनुसार, इस रात किया गया एक आसान चंद्र साधना का उपाय दो बड़ी ख्वाहिशें पूरी कर सकता है। इसके लिए सबसे पहले अपने घर की बालकनी या छत पर चंद्रमा की रोशनी में जाना होगा। फिर एक गिलास में पानी लेकर चंद्रमा की ओर पूर्ण श्रद्धा के साथ दोनों हाथों में पानी का गिलास लेकर मन ही मन कोई भी दो कामनाएं करनी होंगी। शांत मन से चाँद को देखते हुए यह संकल्प लें कि आपकी मनोकामनाएं जल्दी पूरी होंगी।

साधना पूरी कर प्रसाद रूप में करें जल ग्रहण
Conclusion of Sadhana: मनोकामनाएं करने के कुछ समय बाद श्रद्धा के साथ इस पानी को ग्रहण कर लें। यह जल चंद्रदेव का आशीर्वाद माना जाता है। साधना पूरी करने के बाद चाँद को प्रणाम करें। मान्यता है कि इस रात शांत मन से की गई साधना बहुत फलदायी होती है और आपकी इच्छाएं जल्द पूरी हो सकती हैं।



