
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम दूतकैया में उपजे तनाव के बाद प्रशासन ने शादी-विवाह और किसी भी तरह के बड़े सामूहिक आयोजन पर अस्थायी रोक लगा दी है। गांव की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह सख्त फैसला लिया है ताकि शांति व्यवस्था भंग न हो। अगले आदेश तक ग्रामीणों से नियमों का पालन करने और भीड़ इकट्ठा न करने की अपील की गई है। इस अचानक आए फरमान से गांव में शादी वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
धारा 144 के चलते पड़ोसी गांवों में हो रही शादियां
रविवार को दो गुटों के बीच हुए सांप्रदायिक विवाद के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन द्वारा धारा 144 लागू किए जाने के बाद जिन घरों में शादियां तय थीं, उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों ने अपने परिचितों के घरों या पड़ोसी गांवों में जाकर रस्में पूरी करने का फैसला लिया है। गांव में फिलहाल पुलिस बल मुस्तैद है और गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस की गश्ती टीम हर छोटी गतिविधि पर नजर रख रही है।
उग्र भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव
विवाद के दौरान गांव में माहौल बेहद हिंसक हो गया था। आक्रोशित भीड़ ने कई घरों और वाहनों को निशाना बनाया। आगजनी की घटनाओं में कार और मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गईं। हालात काबू करने पहुंची पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने पथराव किया, जिसमें एक जवान को गंभीर चोटें आई हैं। स्थिति हाथ से निकलते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा। इस झड़प में कुछ ग्रामीण भी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुरानी रंजिश के चलते भड़की हिंसा
इस पूरे बवाल की जड़ पिछले साल अप्रैल में हुई एक घटना से जुड़ी है। उस वक्त गांव में मूर्ति खंडित करने के मामले में आरिफ खान नाम के युवक को जेल भेजा गया था। हाल ही में जेल से छूटकर लौटने के बाद आरोपी ने उन लोगों पर हमला कर दिया जिन्होंने उसके खिलाफ गवाही दी थी या एफआईआर दर्ज कराई थी। रविवार दोपहर हुई इस मारपीट ने शाम होते-होते सांप्रदायिक दंगे का रूप ले लिया।
प्रशासन की सख्त निगरानी और कार्रवाई
गरियाबंद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश में जुटा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जब तक गांव में पूरी तरह अमन-चैन बहाल नहीं हो जाता, तब तक पाबंदियां जारी रहेंगी। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। फिलहाल पुलिस ने गांव के हर प्रवेश द्वार पर नाकाबंदी कर दी है और बाहर से आने वाले लोगों की तलाशी ली जा रही है।



