
रायपुर: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के मामलों पर सख्त कार्रवाई की है। मंत्रालय ने देश भर के 178 प्रशिक्षण भागीदारों (TP) और उनके प्रशिक्षण केंद्रों (TC) को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया है। मंत्रालय के अनुसार, इन संस्थानों पर योजना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने, फर्जी दस्तावेज जमा करने, अनुपस्थित प्रशिक्षार्थी दिखाने और अस्तित्वहीन केंद्र चलाने जैसी गंभीर अनियमितताओं के आरोप सही पाए गए हैं।
ब्लैकलिस्ट किए गए संस्थानों में छत्तीसगढ़ का एक केंद्र शामिल
ब्लैकलिस्ट किए गए सेंटरों में छत्तीसगढ़ का भी एक केंद्र शामिल है। कौशल विभाग के मुख्य सचिव भारतीदासन से मिली जानकारी के अनुसार, सूचीबद्ध SL क्रमांक 80 पर दर्ज TP को ब्लैकलिस्ट किया गया है। यह संस्था सीधे PMKVY 4.0 के अंतर्गत NSDC के साथ पंजीकृत है, लेकिन यह छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण (CSSDA-MMKVY) के साथ पंजीकृत नहीं है। मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को सभी राज्यों के प्रधान सचिवों और मिशन प्रमुखों को एक विस्तृत पत्र भेजकर इस कार्रवाई की जानकारी दी।
ब्लैकलिस्टिंग के बाद भुगतान की वसूली और कानूनी कार्रवाई शुरू
मंत्रालय ने बताया है कि नियमित निरीक्षण और निगरानी रिपोर्टों की समीक्षा के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जिन संस्थानों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, उनके खिलाफ भुगतान की वसूली शुरू कर दी गई है और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी चल रही है। भविष्य में इन संस्थानों के किसी भी सरकारी कौशल योजना में भाग लेने या प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
PMKVY में सामने आईं प्रमुख शिकायतें
2015 में शुरू की गई PMKVY का उद्देश्य युवाओं को उद्योग की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना है। अब तक 1.64 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। हालांकि, पिछले दो वर्षों में इस योजना से संबंधित कई गंभीर शिकायतें मिली हैं, जिनमें:
- फर्जी उपस्थिति दिखाना
- बढ़े हुए बिल जमा कराना
- फर्जी प्रशिक्षण केंद्र दिखाना
- नकली प्रमाणपत्र जारी करना



