
रायपुर: छत्तीसगढ़ की लोक और जनजातीय कला को आगे बढ़ाने के लिए संस्कृति विभाग ने वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवा कलाकारों और विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई है। विभाग ने निर्धारित प्रारूप में आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 20 मार्च 2026 तक पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन भेज सकते हैं। सरकार का कहना है कि पैसों की कमी किसी भी होनहार युवा की पढ़ाई या कला प्रशिक्षण में रुकावट नहीं बनेगी।
किन-किन कलाओं के लिए मिलेगा प्रोत्साहन
विभाग ने अलग-अलग कला विधाओं को योजना में शामिल किया है। लोक और जनजातीय परंपराओं में पंडवानी, ददरिया, करमा, सुवा, राउत नाचा, गोंडी गायन-वादन और पारंपरिक नृत्य शामिल हैं। शास्त्रीय संगीत में हिंदुस्तानी और कर्नाटक गायन तथा वादन को मान्यता दी गई है। शास्त्रीय नृत्य में भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी और मणिपुरी जैसी विधाएं शामिल हैं। रंगमंच के तहत हिंदी और छत्तीसगढ़ी नाटक को जगह दी गई है। दृश्य कला में पेंटिंग, मूर्तिकला, ग्राफिक्स, फोटोग्राफी और सेरामिक्स को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा ठुमरी, दादरा, टप्पा, भजन, गजल और कव्वाली जैसी सुगम शास्त्रीय विधाएं भी पात्र होंगी।

पात्रता की शर्तें और आय सीमा
इस योजना के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना जरूरी है। चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। आयु सीमा 15 वर्ष से 30 वर्ष के बीच तय की गई है। आवेदक या उसके माता-पिता की सालाना आय 72 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन केवल तय प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएंगे। अधूरे या देर से पहुंचे आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
छात्रवृत्ति राशि और भुगतान प्रक्रिया
चयनित विद्यार्थियों को हर महीने 5 हजार से 10 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लिफाफे पर योजना का नाम साफ तौर पर लिखना जरूरी है। आवेदन की अंतिम तिथि 20 मार्च 2026 है।
आवेदन कैसे करें और जानकारी कहां मिलेगी
आवेदन पंजीकृत डाक से ही स्वीकार किए जाएंगे। विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रारूप विभाग की वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध हैं। अभ्यर्थियों को सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है। विभाग ने कहा है कि प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार होगी और चयन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
संस्कृति संरक्षण की दिशा में अहम पहल
राज्य सरकार का मानना है कि लोक परंपराएं और जनजातीय संस्कृति छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। पंथी, राउत नाचा, भरथरी और करमा जैसे लोक रूप प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। ऐसे में युवाओं को आर्थिक सहारा देकर उन्हें प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा का अवसर देना जरूरी है। इस योजना से न केवल कलाकारों को सहयोग मिलेगा बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और सांस्कृतिक विरासत को संजोने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
महत्वपूर्ण लिंक (Important Links)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग छत्तीसगढ़ |
| विभाग संपर्क नंबर | 0771-2537404 |
| ईमेल | deptt.archaeology@gmail.com |
| वेबसाइट | यहां क्लिक करें |
| आवेदन फार्म | डाउनलोड करें |
| अन्य सरकारी योजना | यहां देखें |
| योजना के अपडेट हेतु जुड़ने | यहां क्लिक करें |



