
राजिम कुंभ कल्प मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल का पारा शनिवार शाम उस वक्त चढ़ गया जब उन्होंने मेला स्थल पर अव्यवस्थाओं का अंबार देखा। नया मेला मैदान चौबेबांधा के निरीक्षण के दौरान काम की कछुआ चाल और बिखरे पड़े सामान को देखकर मंत्री ने अधिकारियों और इवेंट एजेंसी को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह आयोजन राज्य की धार्मिक आस्था का केंद्र है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बरतने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने खुद पैदल चलकर पूरे परिसर का मुआयना किया और खामियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
VIP प्रोटोकॉल और उद्घाटन की भव्यता
स्थानीय विधायक रोहित साहू ने बताया कि मेला 1 फरवरी से शुरू होने वाला है और इसके उद्घाटन समारोह में राज्यपाल समेत शासन के कई बड़े मंत्री शामिल होंगे। बड़े नेताओं और गणमान्य अतिथियों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाने हैं। वर्तमान में महानदी के भीतर रेत की सड़कें और कनेक्टिंग रोड बनाई जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को गंगा आरती घाट से मुख्य मैदान तक आने-जाने में परेशानी न हो। मंत्री राजेश अग्रवाल ने भरोसा दिलाया है कि हालांकि काम अभी पीछे है, लेकिन उद्घाटन की तारीख से पहले हर हाल में इसे पूरा कर भव्य स्वरूप दिया जाएगा।
शाही स्नान और संतों के आगमन पर संशय
मेले की तैयारियों के बीच मुख्य स्नान की तिथियों और आमंत्रित संतों की सूची जारी न होने से श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस बार शाही स्नान के विशेष मुहूर्त क्या होंगे और कौन-कौन से प्रमुख साधु-संत राजिम की पावन धरा पर पहुंच रहे हैं। जानकारी के अभाव में दूर-दराज से आने वाले तीर्थयात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में दिक्कत हो रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में संतों के नाम और स्नान की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है।



