
कुरूद: जीएसटी स्लैब में हुए ऐतिहासिक बदलाव और सरलीकरण के बाद भाजपा पदाधिकारियों द्वारा जगह-जगह प्रेस वार्ता आयोजित कर जनता को जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को कुरूद विधायक अजय चंद्राकर भाजपा जिला कार्यालय पहुँचे और प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस बदलाव से गरीब, निम्न, मध्यम वर्ग के साथ-साथ सामान्य वर्ग के लोगों को काफी लाभ होगा. सरकार द्वारा 200 से ज्यादा दैनिक उपयोग की सामग्री पर जीएसटी की दर घटाई है. जिसका सीधा-सीधा लाभ मध्य और निम्न वर्ग हो जाएगा. उनका आर्थिक बचत होगा. जिससे उनकी खरीदने की शक्ति बढ़ेगी और देश और राज्य विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ेगा.

भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर
अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आयकर में छूट देने के बाद अब जीएसटी स्लैब को सरल और पारदर्शी बनाकर आम नागरिक, व्यापार और उद्योग जगत के लिए इसे अधिक लाभकारी बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि
- आम आदमी के जीवन में खुशहाली आएगी।
- व्यापारियों को कार्य में सुगमता मिलेगी।
- भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

पुराने टैक्स सिस्टम से मिलेगी राहत
उन्होंने याद दिलाया कि 1 जुलाई 2017 से पहले भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 तरह के सेस लागू थे। राज्य सरकारें भी मनमाने कर लगा सकती थीं। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स प्रणाली में “एक देश–एक कर” का मार्ग प्रशस्त हुआ।
अब 4 स्लैब की जगह 2 स्लैब प्रणाली लागू होगी। कई आवश्यक वस्तुओं को करमुक्त किया गया है और अनेक उत्पादों पर कर दर 10% तक कम कर दी गई है।
उद्योग और आम जनता को लाभ
विधायक ने कहा कि इस सुधार से—
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
- कृषि उपकरण, ट्रैक्टर, स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक सामग्री, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद किफायती होंगे।
- वस्त्र उद्योग और हस्तशिल्प को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।
- नवीकरणीय ऊर्जा और निर्यात को बल मिलेगा।
उन्होंने बताया कि 2017 में 66.5 लाख जीएसटी करदाता थे, जो 2025 में बढ़कर 1.51 करोड़ हो गए हैं। 2024-25 में सकल जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचा, जो मात्र चार सालों में दोगुना है।
किसानों और जनजातीय क्षेत्रों को राहत
अजय चंद्राकर ने कहा कि किसानों के लिए यह सुधार आर्थिक रूप से लाभकारी होगा। कृषि लागत घटेगी और सक्षम खेती की दिशा में सहायक होगा।
स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने वाले उत्पादों पर 40% कर लगाया गया है, जबकि बीड़ी को 18% स्लैब में ही रखा गया है। इससे तेंदूपत्ता संग्राहकों और जनजातीय क्षेत्रों की आय में वृद्धि होगी।
विपक्ष पर साधा निशाना
विधायक ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जीएसटी को कभी “गब्बर सिंह टैक्स” कहने वाले अब इसे सुधार कह रहे हैं। दरअसल, टैक्स पर टैक्स की प्रणाली कांग्रेस के समय में थी। मोदी सरकार ने इसे सुधार कर पारदर्शी बनाया।
उन्होंने कहा कि “विपक्ष का यह दुष्प्रचार कि जीएसटी का संबंध अमेरिकी टैरिफ से है, निहायत ही बचकाना और झूठ है।”
कार्यक्रम में रहे कई गणमान्य
इस मौके पर पूर्व विधायक रंजना साहू, श्रवण मरकाम, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, महामंत्री राकेश साहू, उपाध्यक्ष श्यामा साहू, कोषाध्यक्ष चेतन हिंदुजा, एमआईसी सदस्य नरेंद्र रोहरा, विजय मोटवानी, पार्षद मेघराज ठाकुर, सरला जैन समेत अनेक भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।



