कृषि मंत्री नेताम भरे मंच से बोले- विधायक अमर अग्रवाल की सीट खतरे में…देखें Video…

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस वक्त दिलचस्प स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदेश के कद्दावर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने चुटीले अंदाज में एक बड़ी टिप्पणी कर दी। गोधन योजना के उद्घाटन और पशुपालक सम्मेलन के मंच पर प्रदेश के दिग्गज नेताओं के साथ बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल भी मौजूद थे। संबोधन के दौरान मंत्री नेताम ने बिलासपुर विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल की ओर इशारा करते हुए कुछ ऐसा कहा कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा, लेकिन मंच पर बैठे नेताओं के चेहरों पर सन्नाटा पसर गया।

मंत्री का मजाकिया ‘अटैक’: विधायक जी अब सावधान रहें!

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जैसे ही बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल का नाम लिया, उन्होंने मौके की नजाकत को भांपते हुए एक तंज कस दिया। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “कलेक्टर संजय अग्रवाल के आने से तो अब विधायक अमर अग्रवाल की सीट खतरे में पड़ गई है।” मंत्री का यह बयान आते ही मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधि और अधिकारी एक-दूसरे का चेहरा ताकने लगे। हालांकि नेताम का अंदाज मजाकिया था, लेकिन राजनीति के जानकारों ने इसके पीछे के गहरे संकेतों को भांप लिया।

पुरानी नाराजगी और नया तंज: कुर्सी का वो ‘किस्सा’

मंत्री रामविचार नेताम के इस बयान को हवा में नहीं देखा जा रहा है। दरअसल, इसके पीछे दिसंबर की वो चर्चित घटना है, जब एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विधायक अमर अग्रवाल और कलेक्टर के बीच प्रोटोकॉल और आरक्षित कुर्सी को लेकर अनबन की खबरें आई थीं। तब विधायक ने मंच से ही अपनी नाराजगी जाहिर की थी। अब उसी घटना की पृष्ठभूमि में कृषि मंत्री ने ‘कुर्सी’ शब्द का इस्तेमाल कर पुरानी यादें ताजा कर दीं। भले ही यह मजाक था, लेकिन इसने अमर अग्रवाल और प्रशासन के बीच की रस्साकशी को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चली ‘चुटकियों’ की बौछार

खास बात यह है कि जब मंत्री नेताम यह टिप्पणी कर रहे थे, तब मंच पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मुख्य अतिथि के रूप में विराजमान थे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में इस तरह का हल्का-फुल्का तंज यह दर्शाता है कि भाजपा के भीतर अब संवाद का तरीका बदल रहा है। नेताम की इस टिप्पणी पर सभा में मौजूद लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा होती रही। पशुपालक सम्मेलन में आए किसान भी इस सियासी चुटकुले का आनंद लेते नजर आए।

बिलासपुर की राजनीति में ‘अग्रवाल’ फैक्टर की चर्चा

बिलासपुर में विधायक अमर अग्रवाल का कद काफी बड़ा है, वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल की कार्यशैली भी लगातार चर्चा में बनी हुई है। मंत्री के बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच सब कुछ ठीक है? सोशल मीडिया पर मंत्री नेताम के इस बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनके तंज के बाद अमर अग्रवाल की प्रतिक्रिया भी गौर करने लायक है। राजनीति में अक्सर हंसी-मजाक के बहाने गंभीर बातें कह दी जाती हैं, और नेताम का यह बयान भी उसी श्रेणी में फिट बैठता दिख रहा है।

क्या था मंत्री का असली इरादा?

जानकारों का मानना है कि रामविचार नेताम अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इस तंज के जरिए एक तीर से दो शिकार किए हैं। एक तरफ उन्होंने कलेक्टर की सक्रियता की तारीफ की, तो दूसरी तरफ विधायक को यह संदेश भी दिया कि जनता और प्रशासन के बीच तालमेल कितना जरूरी है। फिलहाल, बिलासपुर के गलियारों में ‘कुर्सी खतरे में है’ वाला यह जुमला हर किसी की जुबान पर है। अब देखना यह है कि विधायक अमर अग्रवाल इस चुटीली टिप्पणी का जवाब किस अंदाज में देते हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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