
नए साल 2026 की शुरुआत मोबाइल यूजर्स के लिए महंगी साबित होने वाली है। देश की दिग्गज प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स की कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं। इससे पहले साल 2024 में टैरिफ दरों में बढ़ोतरी देखी गई थी। टेलीकॉम कंपनियों के पास आमतौर पर दो साल के अंतराल में टैरिफ बढ़ाने की गुंजाइश होती है और इसी रणनीति के तहत अब 2026 में मोबाइल रिचार्ज महंगे किए जा सकते हैं।
5G सर्विस के लिए भी चुकाने होंगे ज्यादा पैसे
डाटा प्लान और 5G नेटवर्क के एक्सेस के लिए अब उपभोक्ताओं को अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि कंपनियां अपने रिचार्ज प्लान में 16 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। फिलहाल कंपनियां ओटीटी सब्सक्रिप्शन और केवल चुनिंदा डेली डेटा प्लान के साथ 5G बंडल करके परोक्ष रूप से टैरिफ बढ़ा रही हैं। लेकिन अब 4G और 5G दोनों तरह के प्लान महंगे होने से आम आदमी के मासिक खर्च पर सीधा असर पड़ेगा।

एयरटेल का टारगेट 300 रुपये का एवरेज रेवेन्यू
Revenue Targets को हासिल करने के लिए कंपनियां प्रति ग्राहक औसत राजस्व यानी एआरपीयू बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं। उदाहरण के तौर पर एयरटेल का मौजूदा एआरपीयू लगभग 256 रुपये है जिसे कंपनी टैरिफ बढ़ाकर 300 रुपये तक ले जाना चाहती है। इस बढ़ोतरी से टेलीकॉम कंपनियों की कुल कमाई में तो इजाफा होगा ही साथ ही उनके शुद्ध मुनाफे पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। टेलीकॉम सेक्टर में बेहतर सर्विस देने और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी मानी जा रही है।

अप्रैल से जून के बीच लागू हो सकती हैं नई दरें
Quarterly Updates के मुताबिक रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में यह उछाल साल 2026 में अप्रैल से जून के बीच देखने को मिल सकता है। ज्यादातर टेलीकॉम कंपनियां वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अपने नए टैरिफ कार्ड जारी कर सकती हैं। यह बढ़ोतरी प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के ग्राहकों के लिए लागू होगी। कंपनियों का लक्ष्य 5G नेटवर्क विस्तार के भारी भरकम खर्च की भरपाई उपभोक्ताओं से मिलने वाले इस अतिरिक्त राजस्व से करना है।
आपकी जेब पर कितना पड़ेगा अतिरिक्त बोझ?
Cost Comparison से समझा जा सकता है कि ग्राहकों को असल में कितना अतिरिक्त पैसा देना होगा। मान लीजिए कि आप अभी जियो का 1.5 GB डेली डेटा वाला 28 दिन की वैलिडिटी का प्लान 299 रुपये में ले रहे हैं। 20 प्रतिशत की संभावित बढ़ोतरी के बाद इसी प्लान की कीमत बढ़कर 347 रुपये से 359 रुपये के बीच पहुंच सकती है। इसी तरह लंबी अवधि वाले महंगे प्लान्स की कीमतों में भी 60 से 100 रुपये तक का अंतर देखने को मिल सकता है।
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