
धमतरी: Magarload News: जिले के मगरलोड नगर पंचायत में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक और संवेदनशील घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। रावण दहन कार्यक्रम के बाद हुए एक मामूली विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि 17 वर्षीय मुस्लिम नाबालिग लड़के ने अपने ही घर में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मामले में आरोपियों द्वारा मृतक को नशे का आदि बताया जा रहा है और आये दिन विवाद और नशे में रहने की बात कही जा रही है वही मृतक मुस्लिम नाबालिग की माँ ने आरोप लगाया है कि कुछ युवकों की भीड़ ने उनके बेटे को मारपीट करते हुए घर तक दौड़ाया, और उनकी बेटियों से गाली गलौच की और बेटे के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिसके सदमे और डर में आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

विवाद के बाद घर तक दौड़ाया, पुलिस की मौजूदगी पर सवाल
मृतक की माँ, पीरन बी, ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आवेदन में बताया कि शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे उनका बेटा अब्दुल लतीफ कुछ युवकों की भीड़ से बचने के लिए दौड़ते हुए घर पहुंचा। यह भीड़ घर के बाहर इकट्ठा हो गई और गाली-गलौज करते हुए अब्दुल को बाहर निकालने की मांग करने लगी। डर के माहौल में अब्दुल की बहनों ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और पुलिस को फोन किया। माँ ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी मौके पर पहुँचे, लेकिन भीड़ को रोक नहीं पाए और उनका गुस्सा बढ़ता गया।
इन आरोपियों ने की मारपीट
पीरन बी के अनुसार पप्पू सोनी, राज साहू, छत्रपाल साहू, विश्वजीत साहू, दुर्गेश तिलक साहू, योगराज, निखिल, लोमीचंद आरोपी , भीड़ में शामिल थे परिजनों ने बताया कि जब बहनों ने आरोपियों से माफी मांगी, तो हमलावरों ने उनके साथ गाली गलौच करने लगे। परिजनों ने अब्दुल को और नुकसान से बचाने के लिए उसे एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। हालाँकि, जब पुलिस दोबारा पहुँची और ताला खोला गया, तो अब्दुल लतीफ फाँसी पर लटका मिला। परिजनों ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में इस तरह की घटना होने पर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

आक्रोशित परिजनों ने किया चक्का जाम, एसपी बोले- कार्रवाई होगी
डॉक्टरों ने जाँच के बाद अब्दुल को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने रिपोर्ट दर्ज कराने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव को मगरलोड लाया गया, तो परिजनों और मुस्लिम समाज के लोगों ने सड़क पर शव रखकर घंटों चक्का जाम किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर इसे बेहद संवेदनशील बताया और आश्वासन दिया कि “कार्यवाही होकर ही रहेगी।” प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए रायपुर से फॉरेंसिक टीम (FSL) को बुलाकर जाँच शुरू कर दी है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।



