
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंवर का कहना है कि कलेक्टर भ्रष्टाचार और हिटलरशाही तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और कई मंत्रियों को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
“IAS अफसर बचा रहे भ्रष्ट अधिकारियों को”
कंवर ने आरोप लगाया कि कलेक्टर के खिलाफ उनकी 14 बिंदुओं की शिकायत सरकार तक पहुंची है, लेकिन जांच तक शुरू नहीं हुई। उन्होंने कहा, “कुछ बड़े IAS अफसर मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं और भ्रष्ट अधिकारियों को बचा रहे हैं।”
पहले भी लिख चुके पत्र
यह विवाद नया नहीं है। 22 अगस्त को भी ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग की थी। उस समय उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरने पर बैठेंगे। अब उन्होंने इस चेतावनी को अमल में लाने का ऐलान किया है।
लोकतंत्र के लिए खतरे की बात
कंवर ने कहा कि जब उनके जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम जनप्रतिनिधियों और जनता की शिकायतों का क्या हाल होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है। उनके मुताबिक बड़े अधिकारी सरकार को गुमराह कर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।
4 अक्टूबर को धरना
ननकीराम कंवर ने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह को पत्र लिखकर बताया है कि वे 4 अक्टूबर को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास के सामने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ धरना देंगे। इसके लिए उन्होंने प्रशासन से अनुमति भी मांगी है।
धरने में शामिल होंगे प्रतीक पांडेय
इस आंदोलन को और मजबूती देने के लिए प्रतीक पांडेय, जो छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग में बाल, किशोर एवं युवा कार्य-समूह के पूर्व अध्यक्ष और राज्य युवा नीति संचालन समिति के पूर्व सदस्य रह चुके हैं, उन्होंने भी ननकीराम कंवर के साथ धरने में बैठने की घोषणा की है।

देखिये क्यों हटाना चाहते है कोरबा कलेक्टर को-
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