Naxalite Sonu Dada Surrender: नक्सल आंदोलन को बड़ा झटका, शीर्ष कमांडर सोनू दादा ने किया आत्मसमर्पण, साथ में 60 माओवादी भी हुए सरेंडर

Raipur News: नक्सल संगठन के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक झटका साबित हुआ। वामपंथी उग्रवाद की अगुवाई करने वाले शीर्ष नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू दादा उर्फ मल्लोजुला वेणुगोपाल राव ने गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण कर दिया। उनके साथ 60 अन्य माओवादी भी सरेंडर हुए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभी नक्सलियों ने अपने साथ 50 से अधिक हथियार जमा कराए।

शांतिवार्ता का प्रस्ताव देने वाले सोनू दादा ने छोड़ा हथियार

CG Naxali Surrender: करीब एक महीने पहले सोनू दादा ने छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र लिखकर हिंसक संघर्ष छोड़ने और शांतिवार्ता शुरू करने की बात कही थी। उन्होंने बिना हथियार के सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई थी। हालांकि संगठन के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उस वक्त इसे उनकी निजी राय बताया था। तब से यह अटकलें तेज थीं कि सोनू दादा पुलिस संपर्क में हैं और जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं।

60 नक्सलियों ने डाले हथियार, माओवादी संगठन में मचा हड़कंप

एजेंसी ANI के अनुसार, भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने शनिवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 60 माओवादी साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया। यह कदम नक्सली संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह आत्मसमर्पण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्य सरकारों के नेतृत्व में चलाए जा रहे लगातार अभियानों का परिणाम है। सितंबर में सोनू ने प्रेस नोट जारी कर हथियार डालने के संकेत दिए थे, जिसे अब उन्होंने हकीकत में बदल दिया है।

कर्रेगुट्टा में नया पुलिस बेस कैंप, बढ़ेगी सुरक्षा और विकास की पहुंच

दक्षिण बस्तर के बीजापुर जिले में कर्रेगुट्टा पहाड़ के पास पुलिस ने नया ताड़पाला बेस कैंप स्थापित किया है। यह छत्तीसगढ़ सरकार की “नियद नेल्ला नार” योजना का हिस्सा है, जिसके तहत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास को साथ लाने की कोशिश की जा रही है।

यह कैंप माओवादियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और ऑपरेशन लॉन्चिंग प्वाइंट के रूप में काम करेगा। इसके जरिए आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं, सौर ऊर्जा, पेयजल, खेल आयोजन और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

अब तक 38 सुरक्षा कैंप, 599 नक्सली सरेंडर कर चुके

बीजापुर पुलिस के अनुसार, 2024 से अब तक जिले में 38 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इस दौरान 599 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 196 मारे गए और 973 को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों से नक्सल नेटवर्क कमजोर हुआ है और ग्रामीणों का भरोसा प्रशासन पर बढ़ा है।

बौखलाए नक्सलियों ने की भाजपा कार्यकर्ता की हत्या

बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने एक भाजपा कार्यकर्ता पूनेम सत्यम की बेरहमी से हत्या कर दी। बताया गया कि हथियारबंद नक्सलियों ने उसे घर से उठाकर जंगल में ले जाकर मार डाला। वारदात के बाद माओवादी पर्चे भी फेंके गए, जिनमें उन्होंने मृतक पर पुलिस को सूचना देने का आरोप लगाया।

घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने शव बरामद कर लिया है और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

संगठन के बिखराव से नक्सली बौखलाए

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सली अब आम ग्रामीणों, सरकारी कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को निशाना बना रहे हैं क्योंकि संगठन के भीतर असंतोष और बिखराव बढ़ रहा है। ग्रामीणों से सहयोग न मिलने और लगातार हो रही मुठभेड़ों के कारण माओवादी दबाव में हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे मामलों में शामिल नक्सलियों की तलाश शुरू कर दी है।

सोनू दादा का आत्मसमर्पण नक्सल आंदोलन के इतिहास में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। यह कदम न केवल नक्सली संगठन के ढांचे को कमजोर करेगा, बल्कि बस्तर से लेकर गढ़चिरौली तक शांति और विकास की दिशा में भी नई उम्मीद जगाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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