नक्सली स्मारक पर तिरंगा लहराने के आरोप में आदिवासी युवक की हत्या

कांकेर: नक्सलियों द्वारा की गई एक नई हिंसक घटना ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। बीते दिनों कांकेर जिले के बिनागुंडा गांव में आदिवासी युवक मनेश नुरुटी की हत्या का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मनेश ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया और भारत माता के जयकारे लगाए, जिससे नक्सली भड़क गए और उसकी जान ले ली।

Binagunda Village: सोमवार रात, हथियारबंद नक्सलियों ने गांव में जन अदालत का आयोजन कर मनेश को मौत की सजा सुनाई। इस दौरान नक्सलियों ने कुछ ग्रामीण नेताओं और पुलिस अधिकारियों को भी खुली धमकियाँ दीं।

Kanker News: सूत्रों के अनुसार, मनेश पर नक्सलियों ने पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया था। उसे उसके घर से उठाकर गांव के बीच लाया गया, जहां पहले से ही ग्रामीणों को मीटिंग के नाम पर इकट्ठा किया गया था। जन अदालत में नक्सलियों ने पहले दो अन्य युवकों की पिटाई भी की, जिन पर माओवादी गतिविधियों के बारे में पुलिस को जानकारी देने का आरोप लगाया गया था। इस घटना के बाद, नक्सलियों ने परतापुर थाना क्षेत्र में बैनर लगाकर मनेश की हत्या की जानकारी दी।

माओवादियों ने हत्याकांड की जिम्मेदारी ली

माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने इस हत्या की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए पखांजूर थाना के प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे आदिवासियों को गोपनीय सैनिकों के रूप में काम कराने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इसके अलावा, नक्सलियों ने कोंगे पंचायत के सरपंच और कुछ अन्य ग्रामीण नेताओं को भी चेतावनी दी है, उन्हें भी मौत की सजा देने की धमकी दी गई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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