
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर के अंदुरुनी इलाकों में सड़क निर्माण कार्य में तेजी आने के बीच नक्सलियों की बौखलाहट एक बार फिर हिंसा में बदल गई है। पामेड़ थाना क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बन रही सड़क का विरोध करते हुए नक्सलियों ने JCB ठेकेदार इम्तियाज अली की बेरहमी से हत्या कर दी। इम्तियाज अली मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे और नारायणपुर के धौड़ाई में ठेकेदारी करते थे।
मुंशी को बचाने पहुंचे ठेकेदार को नक्सलियों ने दबोचा
सूत्रों के अनुसार यह घटना शुक्रवार शाम की है। सड़क निर्माण स्थल पर जेसीबी के पास सादे कपड़ों में पहुंचे नक्सलियों ने वहां मौजूद मुंशी को जबरन पकड़कर जंगल की ओर ले गए। मुंशी के अपहरण की सूचना मिलने पर ठेकेदार इम्तियाज अली उसे बचाने के लिए उसी दिशा में पहुंचे। नक्सलियों ने उन्हें देखते ही पकड़ लिया और बुरी तरह पीट-पीटकर नृशंस तरीके से मौत के घाट उतार दिया।

धमकी भरा पर्चा मिला: ‘रोड ठेकेदार कोई भी हो, ऐसी ही मौत होगी’
हत्या करने के बाद नक्सली शव को निर्माणाधीन सड़क पर फेंककर फरार हो गए। मौके से नक्सलियों का धमकी भरा पर्चा भी मिला, जिससे उनकी दहशत फैलाने की कोशिश साफ दिखती है। पर्चे पर लिखा था- ‘रोड ठेकेदार कोई भी हो, सोचे… ऐसी ही मौत होगी।’ इस वारदात की जिम्मेदारी पामेड़ एरिया कमेटी ने ली है।
मुंशी ने इरापल्ली कैंप पहुंचकर दी पूरी जानकारी
ठेकेदार की हत्या करने के बाद नक्सलियों ने मुंशी को छोड़ दिया। मुंशी जंगलों के रास्ते देर रात इरापल्ली सुरक्षा कैंप पहुंचा और वहां मौजूद जवानों को पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी। मुंशी के बयान के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई से कमजोर हुई नक्सलियों की पकड़
पिछले एक साल में सुरक्षा बलों द्वारा अबूझमाड़ सहित कई नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में लगातार किए गए ऑपरेशनों से नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई है। कई बड़े नक्सली नेताओं के मारे जाने के बाद विकास कार्यों में तेजी आई है। सरकार द्वारा फॉरवर्ड बेस कैंप स्थापित करके ग्रामीणों तक सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं पहुँचाई जा रही हैं। नक्सली इन्हीं विकास कार्यों का विरोध करके क्षेत्र में डर का माहौल बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
इलाके में सर्चिंग अभियान तेज, विकास कार्य नहीं रुकेंगे
स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने इस हत्या के बाद पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण से ग्रामीण इलाकों में संपर्क बढ़ रहा है, जिससे नक्सलियों की गतिविधियों पर लगाम लग रहा है। सुरक्षा बलों ने आश्वस्त किया है कि विकास कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा।



