
रायपुर: CG Registry New Rule: छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति रजिस्ट्री (पंजीयन) की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य में रजिस्ट्री का काम पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर किया जाएगा। इस नई व्यवस्था की शुरुआत नवा रायपुर से हो गई है, जहाँ प्रदेश के पहले स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया है।
क्या है नया ‘स्मार्ट पंजीयन’ मॉडल?
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस नए मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर तैयार किया गया है। इस कार्यालय की कार्यप्रणाली को पासपोर्ट सेवा केंद्र की तरह व्यवस्थित किया गया है:
- कॉरपोरेट स्टाइल: कार्यालय को आधुनिक कॉरपोरेट स्टाइल में विकसित किया गया है।
- स्टाफ व्यवस्था: यहाँ सिर्फ रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करने वाला अधिकारी ही सरकारी होगा, जबकि बाकी पूरा स्टाफ निजी कंपनी द्वारा संचालित किया जाएगा।
- डिजिटल और सुव्यवस्थित प्रक्रिया: सारी प्रक्रिया सुव्यवस्थित और डिजिटल होगी।
इस पहल से नागरिकों को अब रजिस्ट्री के लिए लगने वाली लंबी लाइनों, दलालों के हस्तक्षेप और फाइलों के झंझट से छुटकारा मिलेगा।
चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
सरकार की योजना है कि छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध तरीके से ऐसे 10 स्मार्ट पंजीयन कार्यालय खोले जाएँगे। नवा रायपुर के बाद, यह आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था अन्य जिलों में भी शुरू की जाएगी।



