
नई दिल्ली: New Vice President in India: उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने भारी मतों से जीत दर्ज करते हुए देश के 15वें उपराष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से हराया। कुल 452 वोट राधाकृष्णन के पक्ष में पड़े, जबकि रेड्डी को 300 वोट ही मिल सके।
कैसे खाली हुआ उपराष्ट्रपति का पद
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को खराब सेहत का हवाला देकर पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बीजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक में सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित किया गया। उस समय वे महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के पद पर कार्यरत थे।
कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?
CP Radhakrishnan: सीपी राधाकृष्णन का पूरा नाम चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन है। वे मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं और बीजेपी व संघ से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। समर्थक उन्हें अक्सर “तमिलनाडु का मोदी” कहकर संबोधित करते हैं।
- जन्म: 20 अक्टूबर 1957, तिरुप्पुर (तमिलनाडु)
- परिवार: पिता सीके पोन्नुसामी और माता के जानकी अम्मल
- शिक्षा: वीओ चिदंबरम कॉलेज, तूतीकोरिन से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक
राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
- राजनीति की शुरुआत आरएसएस और जनसंघ से की।
- 1998 और 1999 में कोयम्बटूर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
- 2003 से 2006 तक तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहे।
- महाराष्ट्र, झारखंड, तेलंगाना और पुडुचेरी में राज्यपाल/उपराज्यपाल के रूप में संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाईं।
- 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल पद पर रहे।
- झारखंड (फरवरी 2023–जुलाई 2024) और तेलंगाना में (मार्च–जुलाई 2024 तक अतिरिक्त प्रभार) राज्यपाल का दायित्व निभाया।
- अगस्त 2024 तक पुडुचेरी के उपराज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) भी रहे।
उपलब्धियां और विशेष पहल
- तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष रहते हुए 19,000 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा निकाली। इसमें भारतीय नदियों के एकीकरण, आतंकवाद विरोध, समान नागरिक संहिता, अस्पृश्यता उन्मूलन और नशामुक्ति अभियान जैसे मुद्दों पर जनता को जोड़ा।
- भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया।
- दक्षिण भारत के पहले ओबीसी नेता हैं जिन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए चुना गया है।
विदेश यात्राएं
अपने राजनीतिक और राजनयिक करियर में राधाकृष्णन अब तक अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, नॉर्वे, डेनमार्क, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड, मिस्र, यूएई, स्वीडन, फिनलैंड, बेल्जियम, हॉलैंड, तुर्की, चीन, मलेशिया, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और जापान जैसे देशों की आधिकारिक यात्राएं कर चुके हैं।
नाम के पीछे दिलचस्प कहानी
उनकी मां डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (भारत के दूसरे राष्ट्रपति) से गहराई से प्रभावित थीं। उन्होंने बेटे का नाम रखते हुए सपना देखा था कि एक दिन वह भी देश का शीर्ष संवैधानिक पद संभालेगा। आज वह सपना आंशिक रूप से पूरा हुआ है, क्योंकि सीपी राधाकृष्णन अब भारत के नए उपराष्ट्रपति हैं।



