
भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंगलवार को औपचारिक रूप से सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है। जिम्मेदारी संभालने से पहले उन्होंने दिल्ली के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने दिन की शुरुआत सुबह आठ बजे झंडेवालान मंदिर में दर्शन के साथ की। इसके बाद वे वाल्मीकि मंदिर और हनुमान मंदिर भी गए। अंत में बंगला साहिब गुरुद्वारे में अरदास करने के बाद वे सुबह साढ़े ग्यारह बजे सीधे भाजपा मुख्यालय पहुंचे और अपना कार्यभार ग्रहण किया।
पीएम मोदी की मौजूदगी में संभाली पार्टी की कमान
भाजपा मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 55 मिनट के संबोधन में संगठन की लोकतांत्रिक परंपराओं पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही लोग उन्हें एक मुख्यमंत्री या सरकार के मुखिया के तौर पर देखते हों, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि वे भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं। पीएम मोदी ने नवनियुक्त अध्यक्ष नितिन नबीन के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि आज से नितिन जी उनके बॉस हैं और एक कार्यकर्ता के तौर पर अब वे प्रधानमंत्री के कार्यों का आकलन करेंगे।
दिग्गजों की मौजूदगी में ताजपोशी: पीएम मोदी और गृह मंत्री समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री रहे मौजूद
भाजपा मुख्यालय में आयोजित इस भव्य पदभार ग्रहण समारोह में सत्ता और संगठन का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष उपस्थिति में नितिन नबीन ने अपनी नई पारी की शुरुआत की। इस खास मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे। इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और देशभर से आए प्रदेश अध्यक्षों ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जमकर जश्न मनाया।
निर्विरोध चुने गए नए अध्यक्ष: नामांकन प्रक्रिया में नितिन नबीन के पक्ष में आए 37 सेट
नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना पहले ही तय हो गया था क्योंकि वे इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे। भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण ने जानकारी दी थी कि अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए केवल नितिन नबीन ने ही अपना नामांकन दाखिल किया था। उनके समर्थन में पार्टी के विभिन्न राज्यों और इकाइयों की ओर से कुल 37 सेट नामांकन पत्र जमा किए गए थे। सोमवार को हुई जांच के दौरान सभी नामांकन पत्र सही पाए गए, जिसके बाद उनके निर्विरोध चयन का रास्ता साफ हो गया। संगठन में उनकी सक्रियता और अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन पर यह बड़ा भरोसा जताया है।
नई चुनौतियों और आगामी चुनावों पर नजर: संगठन को और धार देंगे नबीन
पदभार संभालने के साथ ही नितिन नबीन के सामने अब संगठन को और अधिक मजबूत करने की चुनौती होगी। आने वाले समय में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव और संगठन के विस्तार को लेकर पार्टी उनसे बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी है। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस ताजपोशी ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब नए जोश के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेताओं ने उम्मीद जताई कि नबीन के नेतृत्व में भाजपा अपनी जीत के सिलसिले को बरकरार रखेगी और अंतिम छोर तक पार्टी की पहुंच बढ़ाएगी।
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