बीजापुर में सुरक्षाबलों का बड़ा प्रहार: मुठभेड़ में कुख्यात नक्सल कमांडर दिलीप बेड़जा सहित 4 नक्सली ढेर, मौके से AK-47 बरामद

Bijapur News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ एक निर्णायक ऑपरेशन को अंजाम दिया है। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के दुर्गम जंगलों और पहाड़ियों में हुई भीषण मुठभेड़ में जवानों ने चार माओवादियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में एक महिला कैडर भी शामिल है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने पुष्टि की है कि यह कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की गई थी, जिसमें सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

कुख्यात DVCM दिलीप बेड़जा का खात्मा

Naxalite Leader. पुलिस के मुताबिक, मारे गए नक्सलियों में सबसे प्रमुख नाम दिलीप बेड़जा का है। दिलीप बेड़जा नेशनल पार्क एरिया कमेटी का डीवीसीएम (DVCM) स्तर का सक्रिय और बेहद खतरनाक लीडर था। वह लंबे समय से बीजापुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों पर हमले और हिंसक वारदातों की साजिश रचने में शामिल रहा है। दिलीप बेड़जा के मारे जाने को माओवादी संगठन की नेशनल पार्क एरिया कमेटी के लिए एक बड़ा तकनीकी और रणनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह इस क्षेत्र में संगठन का मुख्य आधार था।

DRG, कोबरा और STF का संयुक्त प्रहार

Naxal Operation: बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि दिलीप बेड़जा और उसके सशस्त्र दस्ते की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद जिला रिजर्व गार्ड (DRG), सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक संयुक्त टीम तैयार कर ऑपरेशन के लिए रवाना की गई। शनिवार सुबह जैसे ही जवानों की टीम घने जंगलों के बीच पहुंची, माओवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिससे नक्सली बैकफुट पर आ गए।

दिन भर रुक-रुक कर होती रही फायरिंग

17 जनवरी की सुबह शुरू हुई यह मुठभेड़ कई घंटों तक चली। शुरुआती फायरिंग के बाद दोपहर तक तलाशी अभियान में दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे। हालांकि, जंगल का फायदा उठाकर छिपे अन्य माओवादियों ने शाम को एक बार फिर जवानों पर हमला बोला। दूसरी पारी की इस मुठभेड़ में एक महिला नक्सली सहित दो और माओवादी ढेर कर दिए गए। देर शाम तक चली इस कार्रवाई में कुल चार माओवादियों के शव और भारी मात्रा में युद्ध सामग्री बरामद की गई है।

AK-47 और घातक हथियारों का जखीरा बरामद

मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों को अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा मिला है। मौके से एक AK-47 राइफल और एक .303 बोर की राइफल बरामद की गई है। इन घातक हथियारों की मौजूदगी इस बात का सबूत है कि माओवादी किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। हथियारों के अलावा दैनिक उपयोग का सामान, नक्सली साहित्य और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। इन हथियारों की रिकवरी ने जवानों के हौसले बुलंद कर दिए हैं।

इलाके में सघन सर्चिंग और हाई अलर्ट

चारों नक्सलियों के शवों को बरामद कर जिला मुख्यालय लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि मुठभेड़ के दौरान कुछ अन्य नक्सली घायल हुए हैं जो घने जंगल की आड़ में छिपे हो सकते हैं। इसे देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त फोर्स को सर्चिंग पर लगाया गया है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने जवानों के साहस की सराहना करते हुए कहा है कि सशस्त्र माओवादियों के खिलाफ यह निर्णायक अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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