छत्तीसगढ़ की शराब दुकानों में बड़ा बदलाव: अब ग्राहकों को मिलेगी अपनी पसंद की ब्रांड, मनमानी कीमतों पर लगी लगाम

छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब सरकारी शराब दुकानों में ग्राहकों को उनकी पसंद (च्वाइस) का ब्रांड आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा। नवा रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान आबकारी आयुक्त आर. शंगीता ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दुकानों में ब्रांड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि ग्राहकों को परेशानी न हो। इसके साथ ही, दुकानदार अब शराब की बोतलों पर प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली नहीं कर सकेंगे।

मिलावट करने वाले कर्मचारी होंगे ब्लैकलिस्ट

विभाग ने मदिरा की शुद्धता को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि दुकानों में बिकने वाली शराब में किसी भी तरह की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त ने सभी जिला अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी दुकान में मिलावट या अन्य अनियमितता पाई जाती है, तो वहां तैनात कर्मचारियों को न केवल तुरंत कार्यमुक्त किया जाएगा, बल्कि उन्हें हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।

कैशलेस भुगतान के लिए बनेंगे अलग काउंटर

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और ओवररेटिंग की शिकायतों को कम करने के लिए अब शराब दुकानों में पेटीएम (Paytm) और अन्य कैशलेस भुगतान की सुविधा अनिवार्य होगी। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि दुकानों पर कैशलेस ट्रांजैक्शन के लिए अलग से काउंटर बनाए जाएं। इससे ग्राहकों को भुगतान करने में आसानी होगी और लेन-देन में पारदर्शिता आएगी। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन भुगतान से अवैध वसूली की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

बार और क्लबों के समय पर संचालन पर नजर

बैठक में केवल दुकानों ही नहीं, बल्कि प्रदेश में संचालित बार, क्लब, होटल और ढाबों की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय के बाद संचालन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। यदि कोई बार या ढाबा तय समय सीमा का उल्लंघन करता है या अवैध शराब परोसता पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए उड़नदस्ता टीमों को लगातार गश्त करने के लिए कहा गया है।

तस्करी रोकने के लिए पुलिस के साथ संयुक्त अभियान

अवैध मदिरा और अन्य मादक पदार्थों के परिवहन व तस्करी पर लगाम कसने के लिए आबकारी विभाग अब पुलिस के साथ मिलकर काम करेगा। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पड़ोसी राज्यों से होने वाली शराब की तस्करी को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर निगरानी बढ़ाई जाए। जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग का सहयोग लेकर बड़े माफियाओं के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया जाएगा ताकि अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के लिए जिलावार कार्ययोजना

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य को पूरा करने हेतु विभाग ने कमर कस ली है। जिन जिलों में राजस्व प्राप्ति लक्ष्य से कम है, वहां दुकानवार समीक्षा की जाएगी और कमी को दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी। अधिकारियों को अनुशासन के साथ कार्य करने और अनुशासनहीनता बरतने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विभाग का मुख्य फोकस राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ता संतुष्टि और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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