
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी में गर्मी की दस्तक के साथ ही जिला प्रशासन ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। शहर के सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में अब ग्राहकों को पीने का साफ पानी मुफ्त में देना अनिवार्य कर दिया गया है। “वाटर फॉर ऑल” अभियान के तहत नगर पालिक निगम क्षेत्र में इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। प्रशासन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को प्यास बुझाने के लिए सिर्फ बोतलबंद पानी खरीदने पर मजबूर न होना पड़े।
अनिवार्य हुआ “वाटर फॉर ऑल” स्टीकर और शपथ पत्र
प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि रायपुर नगर निगम सीमा के भीतर आने वाले हर खाद्य प्रतिष्ठान को अपने मुख्य द्वार पर “वाटर फॉर ऑल” का स्टीकर लगाना होगा। यह स्टीकर इस बात का संकेत होगा कि यहां मुफ्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध है। इसके साथ ही होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से इस नियम के पालन के लिए शपथ पत्र भी भरवाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल राहगीरों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए काफी मददगार साबित होगी।

विशेष टीमों द्वारा इन मुख्य बिंदुओं पर होगी जांच
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीमें मैदान में उतर चुकी हैं। यह टीमें अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। जांच के दौरान मुख्य रूप से इन बातों पर ध्यान दिया जा रहा है:
- स्टीकर की मौजूदगी: क्या दुकान के बाहर मुफ्त पानी की सूचना वाला पोस्टर लगा है?
- पानी की शुद्धता: क्या परोसा जा रहा पानी पूरी तरह साफ और पीने योग्य है?
- निशुल्क सेवा: क्या संचालक पानी के बदले किसी तरह का छिपा हुआ शुल्क तो नहीं वसूल रहे?
- व्यवहार: क्या कर्मचारियों द्वारा पानी मांगने वाले ग्राहकों के साथ उचित बर्ताव किया जा रहा है?
बोतलबंद पानी की मजबूरी से मिलेगी मुक्ति
अक्सर देखा जाता है कि बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में टेबल पर केवल ‘पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर’ यानी सीलबंद बोतलें ही रखी जाती हैं। कई बार ग्राहकों को मजबूरी में पैसे देकर पानी खरीदना पड़ता है। प्रशासन की इस नई व्यवस्था के बाद अब हर नागरिक का यह अधिकार होगा कि वह बिना किसी संकोच के शुद्ध पेयजल की मांग कर सके। जिला प्रशासन के अनुसार यह जनता के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मामला है जिसे हर हाल में लागू किया जाएगा।
नियम तोड़ने वाले संचालकों पर होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह मॉनिटरिंग केवल कुछ दिनों के लिए नहीं बल्कि लगातार जारी रहेगी। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में “वाटर फॉर ऑल” अभियान की अनदेखी पाई गई या ग्राहकों को मुफ्त पानी देने से मना किया गया तो संबंधित संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य रायपुर को एक ऐसा शहर बनाना है जहां कोई भी व्यक्ति पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए परेशान न हो।



