
कुरूद विधानसभा के विधायक अजय चंद्राकर की लगातार कोशिशों के बाद क्षेत्र की जनता को एक बड़ी प्रशासनिक सौगात मिली है। राज्य सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने रायपुर के सामाजिक वानिकी वनमंडल के अंतर्गत आने वाले सहायक वन संरक्षक का मुख्यालयअब कुरूद में भी स्थापित किया जायेगा। छत्तीसगढ़ राजपत्र में इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी हो गई है। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब क्षेत्र के लोगों को वन विभाग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए राजधानी की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर कार्यालय खुलने से फाइलों का निपटारा तेज होगा और आम जनता की पहुंच सीधे अधिकारियों तक हो सकेगी।
वन संरक्षण और पर्यावरण को मिलेगी नई दिशा
कुरूद में सहायक वन संरक्षक का मुख्यालय स्थापित होने से केवल कागजी कामकाज ही आसान नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र के प्राकृतिक संतुलन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सामाजिक वानिकी, वृक्षारोपण और हरियाली बढ़ाने की सरकारी योजनाएं अब सीधे तौर पर गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ने से वन संपदा की सुरक्षा पुख्ता होगी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ग्रामीणों की भागीदारी भी बढ़ेगी। इसे केवल एक कार्यालय का स्थापना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरे-भरे भविष्य की नींव के रूप में देखा जा रहा है।

क्षेत्रवासियों ने विधायक और मुख्यमंत्री का जताया आभार
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कुरूद विधानसभा के निवासियों ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधायक अजय चंद्राकर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक चंद्राकर लगातार ऐसी जमीनी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे आम आदमी का जीवन सरल हो सके। सहायक वन संरक्षक के यहां बैठने से त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे और स्थानीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो पाएगा। यह कदम प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाने के साथ-साथ कुरूद को एक व्यवस्थित और आत्मनिर्भर प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।



