
रायपुर, 27 जुलाई 2025: School Time Table: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शनिवार को हाफ डे अब इतिहास बन चुका है। शिक्षा विभाग ने नया टाइम टेबल जारी कर साफ कर दिया है कि अब शनिवार को भी स्कूल पूरी शिफ्ट में चलेंगे — सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक। इस फैसले ने शिक्षकों के संगठनों को नाराज़ कर दिया है।
नया टाइम टेबल, नई परेशानी
शिक्षा विभाग ने एकेडमिक कैलेंडर के साथ जो नई समय-सारणी जारी की है, उसमें शनिवार के ‘हाफ डे’ की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को ‘बैगलेस डे’ रहेगा, यानी इन दो दिनों को छोड़कर बाकी हर शनिवार बच्चों को पूरे समय तक क्लास अटेंड करनी होगी। हालांकि, दो शिफ्ट में चलने वाले स्कूलों में पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी।
फेडरेशन का विरोध, बोले– “शिक्षकों से बिना पूछे क्यों?”
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा इस फैसले पर बिफर गए हैं। उन्होंने साफ कहा:
“यह तुगलकी फैसला है। अव्यवहारिक भी है और शिक्षक विरोधी भी। अगर इसे वापस नहीं लिया गया, तो हम शिक्षा सचिव से मिलेंगे और ज़रूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग नीति निर्धारण करते समय जमीनी हालात या शिक्षकों से राय लेना ज़रूरी नहीं समझता। और यही वजह है कि ऐसे फ़ैसले अब विवाद का कारण बन रहे हैं।
नए सत्र में शुरू हुआ असमंजस
गौर करने वाली बात ये है कि नया एकेडमिक कैलेंडर सत्र शुरू होने के लगभग एक महीने बाद जारी किया गया है।
अब तक स्कूल पुरानी समय सारणी के हिसाब से ही चल रहे थे, ऐसे में कई जगह भ्रम की स्थिति भी बनी हुई है।
बच्चों के लिए कुछ नई पहल भी
नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा विभाग ने कुछ नई पहलें भी की हैं: रेडीनेस कार्यक्रम: कक्षा पहली के बच्चों को स्कूल से जोड़ने और पढ़ाई के प्रति रुचि जगाने के लिए। मासिक विषय: हर महीने की प्रार्थना सभा में एक सामाजिक विषय पर छात्रों को जानकारी दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर: जुलाई: पर्यावरण जागरूकता, अगस्त: बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, यातायात नियम, आपातकालीन स्थितियां आदि।


शिक्षकों की चेतावनी: आदेश वापस लो, नहीं तो आंदोलन तय
फेडरेशन ने संकेत दिया है कि अगर इस आदेश को जल्द वापस नहीं लिया गया, तो विरोध प्रदर्शन और शिक्षा सचिव से लेकर मुख्यमंत्री तक मुलाकातों का सिलसिला शुरू होगा।
मनीष मिश्रा ने साफ कहा है कि इस तरह के ‘थोपे गए’ फैसलों से शिक्षक समुदाय में रोष है और यह रोष जल्द ही सड़क पर भी दिख सकता है।
अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस विरोध को गंभीरता से लेता है या नहीं। लेकिन इतना तय है कि शनिवार को आधे दिन की छुट्टी की उम्मीद अब बीते दिनों की बात हो चुकी है।



