
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज प्रश्नकाल में सड़क मरम्मत का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने राजनांदगांव और खैरागढ़ जिले की मरम्मत योग्य सड़कों की विस्तृत जानकारी मांगी। इस पर उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव द्वारा दिए गए जवाब को विधायक बघेल ने गलत बताया और कहा कि जमीन पर एक भी सड़क पर मरम्मत का काम नहीं हुआ है। इस तीखी बहस के बाद आसंदी को हस्तक्षेप करना पड़ा और अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मंत्री द्वारा पूरी जानकारी दी जा रही है।
डिप्टी सीएम का जवाब: 48 सड़कें मरम्मत योग्य, दिसंबर तक पूरा होगा काम
कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल के सवाल पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सदन को बताया कि डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पीएम–सीएम सड़क योजना के तहत कुल 48 सड़कें मरम्मत योग्य चिन्हित की गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इनमें से 4 सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं, 39 सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 5 सड़कों का काम अभी प्रारंभ नहीं हुआ है। मंत्री अरुण साव ने आश्वासन दिया कि सरकार का लक्ष्य है कि मरम्मत योग्य सभी सड़कों का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए।
विधायक ने जमीनी जांच की मांग की, बदहाल सड़कों पर जताई चिंता
विधायक हर्षिता बघेल ने सदन में कहा कि कई सड़कों की हालत इतनी खराब है कि आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो सड़कें प्रक्रियाधीन हैं, उनकी जमीनी हकीकत जानने के लिए कार्यकर्ताओं को भेजकर जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए सरकार से सदन में सत्य रखने की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष का हस्तक्षेप: जांच अधिकारी ही करेंगे
सड़कों की जांच कार्यकर्ताओं से कराने के विधायक बघेल के सुझाव पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़कों की जांच कार्यकर्ताओं से नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों से कराई जाएगी। अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासनिक जांच ही अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह होती है, जिससे सही रिपोर्ट सदन के सामने आ सके।
शिकायत मिलने पर अधिकारियों से जांच कराएंगे: अरुण साव
विधानसभा अध्यक्ष की टिप्पणी पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सहमति जताई और आश्वासन दिया कि जैसे ही किसी सड़क से संबंधित शिकायत या ठोस जानकारी प्राप्त होती है, उसकी जांच अधिकारियों के माध्यम से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सड़कें जीवनरेखा हैं, सरकार मरम्मत को प्राथमिकता देगी
उपमुख्यमंत्री ने सदन में सड़कों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सड़कें केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की जीवनरेखा (Lifeline) होती हैं। अच्छी सड़कों से न सिर्फ आवागमन सुगम होता है, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार सड़क निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता दे रही है और लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाएगा।
आज सदन में शिक्षा और राशन कार्ड से जुड़े मुद्दे भी गूंजेंगे
Today’s Agenda. सड़क मरम्मत पर तीखी बहस के बाद आज सत्र के तीसरे दिन सदन में शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी, बंद स्कूलों, राशन कार्ड वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी और जल जीवन मिशन जैसे अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी जोरदार बहस होने के आसार हैं।



