बेमेतरा में धान का बड़ा घोटाला: संग्रहण केंद्र से 17 करोड़ का धान गायब, जांच के बाद प्रभारी पर गिरी गाज

Bemetara: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्थित सरदा लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। खाद्य और सहकारिता विभाग की संयुक्त जांच में करोड़ों रुपये के धान के स्टॉक में हेराफेरी की पुष्टि हुई है। इस गंभीर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता के उजागर होते ही प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने संग्रहण केंद्र प्रभारी नीतीश पाठक को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। जांच टीम ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है, जिसमें धान की बड़ी मात्रा के गायब होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।

रिकॉर्ड में लाखों क्विंटल लेकिन मौके पर मैदान खाली

धान संग्रहण केंद्र के दस्तावेजों और हकीकत के बीच जमीन-आसमान का अंतर मिला है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, विभिन्न सहकारी समितियों के माध्यम से यहां कुल 65,287 क्विंटल धान लाकर सुरक्षित रखा गया था। लेकिन जब अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन यानी बोरियों की गिनती शुरू की, तो उनके होश उड़ गए। संग्रहण केंद्र पर केवल 11,648 क्विंटल धान ही मौजूद पाया गया। जांच में यह साफ हो गया कि करीब 53,639 क्विंटल धान केंद्र से गायब है, जिसका कोई हिसाब-किताब विभाग के पास नहीं है।

17 करोड़ रुपये की सरकारी चपत का अनुमान

खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह ठाकुर के मुताबिक, गायब हुए धान की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 17 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में धान का गायब होना किसी संगठित गिरोह की ओर इशारा कर रहा है। विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या यह धान चोरी हुआ है या इसे कागजों में ही ठिकाने लगा दिया गया। खाद्य, मंडी और सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जिनके जरिए सरकारी खजाने को इतनी बड़ी चपत लगाई गई है।

दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी

इस बड़े खुलासे के बाद अब जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। प्रभारी को हटाए जाने के बाद अब विभाग इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटा है। कलेक्टर को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा सकती है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य संग्रहण केंद्रों का भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है ताकि भ्रष्टाचार के ऐसे अन्य मामलों को रोका जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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