छत्तीसगढ़ में पाम की खेती बनी किसानों की आमदनी का जरिया, खाद्य तेल उत्पादन को भी मिला बढ़ावा: Palm Cultivation

रायपुर। CG Palm Cultivation: छत्तीसगढ़ में किसानों की किस्मत बदल रही है। परंपरागत धान के बाद अब बड़ी संख्या में किसान पाम की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। राज्य सरकार की पहल और केंद्र के सहयोग से पाम ऑयल उत्पादन में इजाफा हो रहा है, जिससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ रही है, बल्कि खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी राज्य आगे बढ़ रहा है।

तेजी से बढ़ रही पाम की खेती

Vishnu Deo Sai palm farming promotion: राज्य में राष्ट्रीय तिलहन और पाम ऑयल मिशन के तहत बीते चार वर्षों में लगभग 2,689 हेक्टेयर क्षेत्र में पाम की खेती की गई है। कृषि विभाग के मुताबिक 2021 से 2024 तक 1,150 किसानों ने 1,600 हेक्टेयर भूमि में पाम के पौधे लगाए हैं।

राज्य सरकार किसानों को पाम की खेती के लिए मुफ्त प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और सब्सिडी की सुविधा दे रही है। बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी जिलों के अलावा महासमुंद, रायगढ़, जशपुर, कोरबा और बिलासपुर में भी पाम उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है।

महासमुंद सबसे आगे, किसानों में उत्साह

कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, महासमुंद जिला पाम की खेती में अग्रणी बनकर उभरा है। यहां 611 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जा रही है। किसानों को प्रति हेक्टेयर 29,000 रुपये मूल्य के 143 पौधे मुफ्त में मिलते हैं।

Palm oil Farming CG: रायगढ़ के राजेंद्र मेहर, जिन्होंने चक्रधरपुर गांव में अपने 10 एकड़ खेत में 570 पाम के पौधे लगाए हैं, बताते हैं कि यह ज़मीन पहले खाली पड़ी थी, लेकिन विभाग से तकनीकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पाम की खेती शुरू की और आज उन्हें इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

सब्सिडी और अनुदान से मिल रही मदद

कृषि विभाग के अनुसार पाम की खेती पर प्रति हेक्टेयर लगभग 4 लाख रुपये खर्च आता है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारें 1-1 लाख रुपये की सब्सिडी देती हैं। बाकी राशि किसान बैंक ऋण से पूरी कर सकते हैं।

इसके अलावा ड्रिप सिंचाई, बाड़बंदी, बोरवेल, वर्मीकम्पोस्ट इकाई, तथा फसल रखरखाव के उपकरणों पर भी अनुदान की सुविधा दी जा रही है। ट्रैक्टर ट्रॉली, पाम कटर और मोटर चालित छेनी जैसे उपकरणों पर भी छूट मिल रही है।

पाम ऑयल खरीद की व्यवस्था भी तय

Income From Palm Cultivation: पाम की उपज को बाजार देने के लिए केंद्र सरकार ने अनुबंध कंपनियों को एमएसपी (MSP) पर किसानों से सीधे खरीद की अनुमति दी है। खरीदी की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे जमा की जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके।

देश में पाम ऑयल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी

Benefits of Palm Farming in CG: देश में फिलहाल 3.5 लाख हेक्टेयर में पाम की खेती हो रही है और केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक 28 लाख टन उत्पादन तक पहुंचने का है। पाम ऑयल का उपयोग बिस्कुट, नूडल्स, साबुन, डिटर्जेंट और जैव ईंधन सहित कई उत्पादों में होता है।

राज्य सरकार की माने तो पाम की खेती से प्रदेश के आदिवासी अंचलों में नए रोज़गार के अवसर भी बन रहे हैं, जिससे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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