
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के दावों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। बैज ने सवाल किया कि आखिर इस संवेदनशील मामले पर सरकार मौन क्यों है और अब तक कोई स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया गया? हालांकि, इस विवाद पर भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले ही अपनी स्थिति साफ कर दी है। मंत्रालय के मुताबिक, इजरायल दौरे के साथ जोड़ी गई बातें एक अपराधी की कोरी कल्पना और बकवास हैं, जिन्हें पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए।
गरियाबंद हिंसा को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल
गरियाबंद के फिंगेश्वर में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर दीपक बैज ने राज्य की कानून व्यवस्था को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदेश को आग में झोंक दिया है और समय रहते कार्रवाई न होने की वजह से इतनी बड़ी घटना घटी। बैज ने वर्तमान हालातों के लिए सीधे तौर पर सरकार की विफलता को जिम्मेदार ठहराते हुए इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग रखी है।
धान खरीदी के आंकड़ों पर बिफरे बैज
धान खरीदी को लेकर दीपक बैज ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार 165 लाख मीट्रिक टन के अपने ही लक्ष्य से पीछे रह गई है और पिछले साल के मुकाबले इस बार 9 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान कम खरीदा गया है। बैज के अनुसार, प्रदेश के 29 जिलों में खरीदी का ग्राफ गिरा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किसानों के प्रति सरकार का रवैया नकारात्मक है।
‘किसानों से माफी मांगे सरकार’
दीपक बैज ने कहा कि धान खरीदी के कम आंकड़ों के बावजूद सरकार का जश्न मनाना किसानों का अपमान है। उन्होंने मांग की कि सरकार को अपनी इस नाकामी के लिए प्रदेश के अन्नदाताओं से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि हजारों किसानों का पंजीयन होने के बावजूद उन्हें टोकन नहीं दिया गया, जिससे वे अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए। उन्होंने सरकार को ‘हठधर्मी’ बताते हुए बचे हुए किसानों के लिए पोर्टल फिर से खोलने की मांग की है।
केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा का आरोप
हाल ही में पेश हुए केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि इसमें छत्तीसगढ़ को पूरी तरह ठगा गया है। उनके मुताबिक, माइनिंग कॉरिडोर बनाने का फैसला केवल चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए लिया गया है। बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इस बजट में छत्तीसगढ़ की जरूरतों और यहां के विकास के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है, जो राज्य की जनता के साथ सरासर अन्याय है।
सड़क पर उतरने की दी चेतावनी
बैज ने साफ कर दिया है कि अगर किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं हुआ और धान खरीदी की तारीख नहीं बढ़ाई गई, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार आंखें मूंदकर बैठी है, जबकि किसान अपनी मेहनत की कमाई को लेकर दर-दर भटक रहा है। कांग्रेस पार्टी अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार की ‘किसान विरोधी’ नीतियों का पर्दाफाश करेगी।



