Petrol Diesel Price Hike 2026: आम जनता को लग सकता है महंगाई का झटका, फिर महंगा हो सकते हैं पेट्रोल और डीजल

Petrol Diesel Price Hike November 2026: आगामी नवंबर महीने से देश के आम नागरिकों को पेट्रोल और डीजल के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। वैश्विक शोध संस्था ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अगले महीने ईंधन के दामों में फिर से बढ़ोतरी की जा सकती है। इससे पहले इसी वर्ष मई के महीने में सरकार ने तेल की कीमतों में कुल सात दशमलव पांच प्रतिशत की वृद्धि की थी, जिसके बाद अब एक बार फिर दरों में फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है।

नवंबर महीने से पेट्रोल-डीजल के दामों में हो सकती है बढ़ोतरी

Oxford Economics Fuel Price Prediction: बिजनेस टुडे के मुताबिक नवंबर महीने में ईंधन के दाम मई दो हजार छब्बीस के मुकाबले लगभग आधे यानी करीब साढ़े तीन से चार प्रतिशत के बीच बढ़ सकते हैं। इस रिपोर्ट में ब्लूमबर्ग के हवाले से ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की प्रमुख अर्थशास्त्री एलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद का यह बयान सामने आया है कि कीमतों में वृद्धि का संभावित समय नवंबर दो हजार छब्बीस तय किया जा सकता है।

अगले साल सात राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का असर

Inflation Rate Hike India 2026: अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इसके बाद सरकार के पास तेल की कीमतें बढ़ाने की गुंजाइश बहुत कम रह जाएगी, क्योंकि अगले वर्ष देश के सात राज्यों में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव होने हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगले साल मार्च और मई के बीच जिन पांच बड़े राज्यों में चुनाव होने हैं, उनमें उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे प्रमुख राज्य भी शामिल हैं, जिसके चलते राजनीतिक रूप से सरकार आगे दाम बढ़ाने से बच सकती है।

ईंधन की कीमतें बढ़ने से देश में तेजी से भड़क सकती है महंगाई

Assembly Elections 2027 Fuel Prices: रिपोर्ट में यह भी अंदेशा जताया गया है कि यदि तेल के दाम बढ़ते हैं तो देश की खुदरा महंगाई दर वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर के दौरान बढ़कर छह दशमलव दो प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसी तरह चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही यानी जनवरी से मार्च दो हजार सत्ताईस के बीच खुदरा महंगाई दर के बढ़कर छह दशमलव पांच प्रतिशत तक जाने की पूरी संभावना है।

भारतीय रिजर्व बैंक के तय किए गए अनुमानों से अधिक रह सकती है महंगाई

RBI Repo Rate Hike Chances: महंगाई दर का यह अनुमानित आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय किए गए दो से छह प्रतिशत के लक्ष्य से काफी ज्यादा है। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के ये आंकड़े रिजर्व बैंक के अनुमानों से थोड़े ऊपर हैं। इस महीने की शुरुआत में अपनी मौद्रिक समीक्षा बैठक में आरबीआई ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए मुद्रास्फीति छह प्रतिशत रहने की बात कही थी, जो बाद में घटकर पांच दशमलव सात प्रतिशत होने की उम्मीद थी।

ब्याज दरों पर पड़ सकता है असर और बढ़ सकता है रेपो रेट

यदि ईंधन की कीमतों में इजाफा होता है और महंगाई बढ़ती है, तो भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति के तहत कदम उठाते हुए आगामी समय में रेपो रेट में दो बार में कुल पचास बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है। इससे आम लोगों के लिए बैंक से मिलने वाले कर्ज और लोन की किस्तें भी महंगी हो सकती हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।

Also Read: आम आदमी पर महंगाई की दोहरी मार, खाद्य पदार्थों से ईंधन तक बढ़े दाम, आम आदमी पर बढ़ा बोझ

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button