
दुर्ग. No helmet, no petrol: आजकल रोड एक्सीडेंट के मामले बढ़ते जा रहे हैं जिसमें कई लोगों की मौत भी हो जाती है, अगर हम हेलमेट का उपयोग करे तो हम ऐसे दुर्घटना से बच सकते हैं। लेकिन लोग इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगी। जिले में अब दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल भरवाने के लिए हेलमेट पहनना जरूरी होगा। जिला प्रशासन ने सड़क हादसों को रोकने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बुधवार से पूरे जिले में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान लागू कर दिया है। यह आदेश सभी पेट्रोल पंप संचालकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
किन्हें मिलेगी छूट
इस नियम से केवल कुछ परिस्थितियों में राहत दी गई है। मेडिकल आपात स्थिति, आकस्मिक सेवाओं में लगे वाहन और धार्मिक कारणों से पगड़ी पहनने वाले लोगों को हेलमेट नियम से छूट दी जाएगी। इन हालातों के अलावा बिना हेलमेट किसी को पेट्रोल नहीं मिलेगा।
कलेक्टर का आदेश
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। हेलमेट पहनना जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है, इसलिए इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसर में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ का बोर्ड या पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाएं। आदेश का उल्लंघन करने वाले पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पेट्रोल पंप संचालकों की चिंता
हालांकि इस अभियान से आम जनता की सुरक्षा को फायदा होगा, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों की चिंता भी बढ़ गई है। संचालकों का कहना है कि बिक्री पर असर पड़ सकता है, क्योंकि कई वाहन चालक हेलमेट के बिना ही पेट्रोल लेने आते हैं। अब उन्हें लौटाना पड़ेगा जिससे आमदनी पर सीधा असर होगा।
सड़क सुरक्षा पर असर
जिले में लागू हुआ यह नियम आम लोगों को हेलमेट पहनने की आदत डालने में मदद करेगा। प्रशासन का मानना है कि अगर लोग पेट्रोल भरवाने के लिए भी हेलमेट पहनेंगे तो सड़क पर निकलते समय स्वाभाविक रूप से हेलमेट उनके साथ रहेगा। इससे दुर्घटनाओं में सिर की चोटों और मौतों के मामलों में कमी आ सकती है।
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