
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने पर राज्य की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और आगामी दो वर्षों में 1.3 लाख सोलर यूनिट लगाए जाएंगे।
आम जनता को डबल फायदा, बिजली बिल में भारी कटौती तय
CG Solar Subsidy Yojana: राज्य सरकार ने यह फैसला सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के मकसद से लिया है। अब अगर कोई उपभोक्ता अपने घर की छत पर सोलर प्लांट लगवाता है, तो उसे केंद्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी के साथ-साथ राज्य सरकार से भी अलग से आर्थिक सहायता मिलेगी।
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई उपभोक्ता 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाता है, तो उसे ₹45,000 की कुल सहायता मिलेगी — जिसमें ₹30,000 केंद्र सरकार और ₹15,000 राज्य सरकार देगी। वहीं, 3 किलोवाट या उससे अधिक के संयंत्र पर यह मदद बढ़कर ₹1,08,000 तक हो सकती है। यह स्कीम खासतौर पर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के लिए फायदेमंद साबित होने वाली है।

CSPDCL के हाथों में जिम्मेदारी, दो साल में 1.3 लाख सोलर यूनिट लगाने का टारगेट
इस योजना के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) को सौंपी गई है। कंपनी योजना के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि जमा की जाएगी और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर यूनिट लगाए जाएं। कुल मिलाकर दो वर्षों में 1.3 लाख यूनिट्स स्थापित किए जाएंगे। इस पर राज्य सरकार को क्रमशः ₹180 करोड़ और ₹210 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है।
ग्रिड से कनेक्ट होंगे तभी मिलेगा लाभ, हाउसिंग सोसाइटीज भी आएंगी दायरे में
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त राज्य सब्सिडी केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगी, जिनके सोलर प्लांट 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद ग्रिड से सिंक्रोनाइज किए जाएंगे। इसके साथ ही इस योजना में हाउसिंग सोसाइटीज और रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) को भी शामिल किया गया है, जिससे बड़े स्तर पर बिजली उत्पादन को बल मिलेगा।

ग्रीन एनर्जी की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम
साय सरकार का यह निर्णय छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा की राह पर ले जाने वाला एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे जहां पर्यावरण को लाभ होगा, वहीं आम जनता को बिजली के खर्च में सीधी राहत मिलेगी।
यह योजना केवल एक सब्सिडी स्कीम नहीं, बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण है — जिससे राज्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। आने वाले वक्त में यह फैसला छत्तीसगढ़ को ‘ग्रीन एनर्जी हब’ बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

.छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास न केवल आमजन को राहत देने वाला है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और टिकाऊ भविष्य की नींव भी तैयार करता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह योजना कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतरती है।



