
छत्तीसगढ़ में अवैध नशे और अफीम की खेती को लेकर राजनीति के गलियारे दहक उठे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य की विष्णुदेव साय सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने दावा किया है कि प्रदेश में नशे का काला कारोबार सत्ताधारी दल के संरक्षण में फल-फूल रहा है। हाल ही में दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद अब आम आदमी पार्टी ने सरकार से पूरी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
“सिर्फ पद से हटाना काफी नहीं”: सरकार पर पल्ला झाड़ने का आरोप
उत्तम जायसवाल ने दुर्ग के समोदा में मिली अफीम की खेती का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा नेता की संलिप्तता यह साबित करती है कि नशे के सौदागरों को शासन का अभयदान प्राप्त है। उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल आरोपी को पार्टी पद से हटा देना काफी नहीं है। सरकार को जनता को बताना चाहिए कि यह अवैध खेती कब से चल रही थी, इसका मुख्य सूत्रधार कौन है और तैयार की गई अफीम किन-किन ठिकानों पर सप्लाई की जा रही थी?
बड़े खेतों की सघन जांच की मांग: 150 एकड़ से अधिक रकबे पर नजर
आम आदमी पार्टी ने एक नई मांग सामने रखी है कि प्रदेश के जिन भू-स्वामियों के पास 100 से 150 एकड़ से अधिक जमीन है, उन सभी के खेतों की विस्तृत जांच होनी चाहिए। जायसवाल ने विशेष रूप से उन इलाकों की निगरानी की जरूरत बताई जहां बाहर से आए मजदूरों को रखकर काम कराया जा रहा है। पार्टी का अंदेशा है कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में बड़े खेतों की आड़ में नशीले पदार्थों की खेती का बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
रायपुर के कैफे और वीआईपी रोड: नशे की गिरफ्त में युवा पीढ़ी
नशे के जाल पर चिंता जताते हुए आम आदमी पार्टी ने रायपुर के नया राजधानी क्षेत्र और वीआईपी रोड के हालातों को उजागर किया है। पार्टी का आरोप है कि शाम ढलते ही ये इलाके नशे के अड्डे बन जाते हैं। शहर के कई कैफे अब युवाओं को नशा परोसने के केंद्र के रूप में पहचाने जाने लगे हैं। जायसवाल ने सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर पाकिस्तान से छत्तीसगढ़ तक ड्रग्स की खेप कैसे पहुंच रही है और इस सिंडिकेट को किसका वरदहस्त प्राप्त है?
सुरक्षा और भविष्य पर संकट: दुर्ग-बलरामपुर की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
दुर्ग और बलरामपुर जैसे जिलों में अफीम की खेती मिलना छत्तीसगढ़ की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है। यदि राजनीतिक रसूख वाले लोगों की इसमें संलिप्तता है, तो यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था के खोखलेपन को दर्शाता है। आम जनता के लिए यह मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके बच्चों को नशे की लत से बचाने और समाज को अपराध मुक्त रखने की लड़ाई बन गई है।
आर-पार की लड़ाई का एलान: “कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन”
आम आदमी पार्टी ने साय सरकार को साफ चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरेगी। उत्तम जायसवाल ने कहा कि वे युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। आने वाले दिनों में पार्टी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की तैयारी कर रही है।
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