
धमतरी: नगर निगम धमतरी की दहलीज पर पिछले सात दिनों से जारी कांग्रेस पार्षदों का धरना शुक्रवार को बेहद दिलचस्प अंदाज में खत्म हुआ। मूलभूत सुविधाओं की बदहाली और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विपक्ष ने मोर्चा खोल रखा था। आंदोलन के अंतिम दिन कांग्रेसियों ने महापौर रामू रोहरा और उनके प्रशासन को ‘सद्बुद्धि’ देने के लिए बकायदा यज्ञ का आयोजन किया। विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि पिछले एक साल से शहर के विकास कार्य ठप पड़े हैं और महापौर केवल फोटोबाजी और जुमलेबाजी में व्यस्त हैं। यज्ञ के जरिए संदेश देने की कोशिश की गई कि अब ईश्वर ही निगम सरकार को शहर हित में काम करने की प्रेरणा दे सकते हैं।

महापौर ने पलटा पासा: विरोध के बीच खुद यज्ञ में हुए शामिल
विरोध प्रदर्शन उस समय रोचक मोड़ पर आ गया जब खुद महापौर रामू रोहरा भाजपा पार्षदों के साथ यज्ञ स्थल पर धमक पड़े। विरोध झेलने के बजाय महापौर ने न केवल यज्ञ में आहुति डाली, बल्कि पंडित जी को दक्षिणा देकर आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान माहौल में तंज और हंसी-ठिठोली का मिला-जुला असर देखा गया। महापौर की इस मौजूदगी ने कांग्रेस के तीखे विरोध की धार को कुछ हद तक कुंद कर दिया। शहर की राजनीति में इस ‘सांझा हवन’ की चर्चा हर तरफ हो रही है, जहां एक पक्ष सद्बुद्धि मांग रहा था और दूसरा पक्ष अपनी उपस्थिति से मर्यादा का पाठ पढ़ा रहा था।
मूलभूत सुविधाओं का संकट: पेयजल और सफाई व्यवस्था पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर और विपक्षी पार्षदों का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजनीति नहीं बल्कि आम जनता की तकलीफों का आईना है। शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, सड़कों की हालत खराब है और पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि नौ महीने के कार्यकाल में विकास के नाम पर ‘जीरो’ काम हुआ है। वार्डों में नालियां जाम हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यह सात दिवसीय धरना तो महज एक संकेत था, यदि वादे पूरे नहीं हुए तो आने वाले समय में उग्र जनांदोलन किया जाएगा।
महापौर की चुटकी: ‘जनता जानती है किसे है सद्बुद्धि की जरूरत’
खुद यज्ञ में आहुति डालने के बाद महापौर रामू रोहरा ने विपक्ष पर जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद संशय में है कि उन्हें करना क्या है। महापौर ने मुस्कुराते हुए कहा, “हमें संस्कार दिए गए हैं कि जहां भी प्रभु का कार्य या यज्ञ हो, वहां रुककर शामिल होना चाहिए।” उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विकास कार्य निरंतर जारी हैं और असल में सद्बुद्धि की जरूरत किसे है, यह शहर की जनता भली-भांति जानती है। महापौर ने यह भी कहा कि कांग्रेसी अब विरोध के नाम पर केवल नाटक कर रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने भी दिया समर्थन
धरने के समापन अवसर पर कांग्रेस के कई दिग्गज नेता समर्थन देने पहुंचे। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निशु चंद्राकर ने कहा कि महापौर को ग्रामीण इलाकों के दौरों से ज्यादा शहर की सड़कों और गलियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, नगरीय निकायों को मिलने वाले फंड और विकास की गति धीमी हो गई है। प्रदर्शन के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन, योगेश लाल और सूरज गहरवाल सहित कई पार्षदों ने एकजुट होकर अपनी मांगें दोहराईं। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी नारेबाजी करते नजर आए।

चेतावनी के साथ आंदोलन का अंत: आगे की रणनीति तैयार
यज्ञ और आहुतियों के साथ सात दिनों का यह धरना औपचारिक रूप से समाप्त हो गया, लेकिन सियासी तल्खी कम नहीं हुई है। कांग्रेस पार्षदों ने साफ कर दिया है कि वे वार्डों की समस्याओं को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि फाइलों में दबे विकास कार्यों को तुरंत धरातल पर लाया जाए। विपक्षी दल अब वार्ड स्तर पर जाकर जनता को गोलबंद करने की योजना बना रहा है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष की हताशा बता रहा है। धमतरी नगर निगम में अब आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।



