बिजली बिल के नाम पर ‘डिजिटल डाका’: पॉवर कंपनी ने जारी की चेतावनी, ठगों से बचने के लिए अपनाएं ये 6 तरीके

Cyber Frauds: छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर इन दिनों साइबर ठगों की टेढ़ी नजर है। शातिर अपराधी ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ का फायदा उठाने के नाम पर लोगों के मोबाइल पर फर्जी लिंक और मैसेज भेजकर बैंक खाते खाली कर रहे हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने एक विस्तृत गाइडलाइन जारी कर उपभोक्ताओं को अलर्ट किया है। कंपनी ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान वॉट्सएप लिंक या एसएमएस के झांसे में न आएं, वरना आपकी मेहनत की कमाई एक झटके में उड़ सकती है।

APK फाइल और संदिग्ध लिंक से रहें कोसों दूर

पॉवर कंपनी के एमडी भीम सिंह ने उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि कंपनी कभी भी किसी योजना के लिए कोई APK फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। साइबर ठग अक्सर ‘बिल अपडेट’ करने या ‘कनेक्शन कटने’ का डर दिखाकर एक फाइल डाउनलोड करने को कहते हैं, जो असल में एक वायरस होता है। एक बार यह फाइल आपके फोन में इंस्टॉल हुई, तो आपका पूरा डेटा और बैंकिंग एक्सेस ठगों के पास चला जाता है। हमेशा याद रखें कि ‘मोर बिजली’ ऐप केवल गूगल प्ले-स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।

पेमेंट के लिए केवल इन 4 रास्तों पर करें भरोसा

डिजिटल युग में भुगतान जितना आसान है, उतना ही जोखिम भरा भी। पॉवर कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह का बिल भुगतान या योजना की पंजीयन राशि केवल आधिकारिक माध्यमों से ही जमा की जानी चाहिए। सुरक्षित भुगतान के लिए आप नीचे दिए गए चार विकल्पों का ही चुनाव करें:

  • मोर बिजली (Mor Bijli) मोबाइल ऐप: यह कंपनी का आधिकारिक ऐप है।
  • ऑफिशियल वेबसाइट: कंपनी की अधिकृत वेबसाइट के पोर्टल पर जाएं।
  • ATP सेंटर्स: बिजली बोर्ड द्वारा निर्धारित एनी टाइम पेमेंट सेंटर्स।
  • बिजली कार्यालय: अपने नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र के कैश काउंटर पर।

सेंडर ID की ऐसे करें पहचान, नहीं होगा फ्रॉड

साइबर ठगी से बचने का सबसे आसान तरीका सेंडर आईडी (Sender ID) की जांच करना है। पॉवर कंपनी ने बताया है कि विभाग की ओर से भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक मैसेज केवल CSPDCL-S सेंडर आईडी से ही आते हैं। यदि आपको किसी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर (10 अंकों वाले नंबर) या किसी अन्य अनजान आईडी से बिजली काटने की धमकी वाला मैसेज मिलता है, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें। यह पूरी तरह से फर्जी और ठगी की कोशिश हो सकती है।

कैश लेनदेन से बचें: नकद न दें, न पर्सनल नंबर पर भेजें

अक्सर ठग खुद को बिजली विभाग का मैदानी कर्मचारी बताकर घर पहुंचते हैं और बिल सेटलमेंट के नाम पर नकद पैसे की मांग करते हैं। पॉवर कंपनी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। साथ ही, किसी व्यक्ति के निजी मोबाइल नंबर पर UPI (PhonePe, Google Pay) के जरिए पैसे भेजने की गलती कभी न करें। आधिकारिक भुगतान हमेशा रसीद के साथ केवल अधिकृत काउंटरों या ऐप पर ही होता है।

1912: हर समस्या का इकलौता समाधान

अगर आपको बिजली बिल, भुगतान या किसी संदिग्ध कॉल को लेकर मन में जरा भी शंका हो, तो बिना देर किए टोल-फ्री नंबर 1912 पर डायल करें। यह बिजली विभाग की आधिकारिक हेल्पलाइन है, जहां से आपको सही जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा आप अपने नजदीकी बिजली दफ्तर जाकर भी मामले की तस्दीक कर सकते हैं। ठगों की कॉल पर रिएक्ट करने के बजाय आधिकारिक चैनलों से पुष्टि करना ही समझदारी है।

जागरूकता शिविरों से जनता को किया जाएगा अलर्ट

सरकार की योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और उन्हें ठगी से बचाने के लिए पॉवर कंपनी अब मैदानी स्तर पर विशेष शिविर लगाने जा रही है। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा के गुर भी सिखाए जाएंगे। कंपनी ने साफ किया है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का एकमात्र अचूक हथियार है। आने वाले दिनों में इस जागरूकता अभियान को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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