
रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं कल यानी 1 जनवरी से शुरू होने जा रही हैं। मंडल ने साफ कर दिया है कि इस परीक्षा में शामिल होना हर छात्र के लिए अनिवार्य है। यदि कोई विद्यार्थी तय तारीख पर अनुपस्थित रहता है, तो उसे दोबारा परीक्षा देने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा और न ही इसके लिए कोई विशेष अनुमति मिलेगी। इस बार मुख्य बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू हो रही हैं, जिसे देखते हुए प्रैक्टिकल परीक्षाओं को भी 10 दिन पहले आयोजित किया जा रहा है। स्कूलों को 1 से 20 जनवरी के बीच अपनी सुविधा के अनुसार तारीखें तय कर परीक्षाएं संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बाह्य परीक्षकों की निगरानी में होगा मूल्यांकन: नियमों का उल्लंघन करने पर परीक्षा होगी रद्द
बोर्ड ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है। इन परीक्षाओं का आयोजन माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा नियुक्त बाहरी परीक्षकों (External Examiners) की मौजूदगी में ही किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन अपनी मर्जी से किसी बाहरी शिक्षक को परीक्षक नियुक्त नहीं कर सकता है। यदि कोई स्कूल इस नियम की अनदेखी करता है, तो वहां की प्रैक्टिकल परीक्षा मान्य नहीं मानी जाएगी। हालांकि, आंतरिक परीक्षक (Internal Examiner) के रूप में स्कूल के संबंधित विषय शिक्षक ही जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रोजेक्ट वर्क के लिए मंडल ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए किसी अलग से बाहरी परीक्षक की नियुक्ति नहीं की जाएगी, इसे स्कूल स्तर पर ही पूरा किया जाएगा।
उड़नदस्ता करेगा औचक निरीक्षण: पुरानी उत्तरपुस्तिकाओं का होगा इस्तेमाल
परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए माशिमं के अधिकारी किसी भी समय स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण कर सकते हैं। मंडल ने सभी संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे पूरी गंभीरता के साथ परीक्षाएं आयोजित कराएं। प्रैक्टिकल के लिए पिछले वर्षों की बची हुई कोरी उत्तरपुस्तिकाओं का उपयोग करने को कहा गया है और कमी होने पर स्थानीय स्तर पर व्यवस्था करने की छूट दी गई है। इसके अलावा, जिन छात्रों की पात्रता किसी कारणवश निरस्त कर दी गई है, उनके प्रायोगिक अंकों को मंडल द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंडल के इस कड़े रुख से साफ है कि छात्र और स्कूल प्रबंधन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत सकते।



