
कोरबा: जिले के ग्राम पंचायत तिलकेजा के अंतर्गत कलमीभाठा गांव में रविवार को एक मकान के अंदर गुपचुप तरीके से आयोजित प्रार्थना सभा विवाद का रूप ले बैठी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बजरंग दल कार्यकर्ताओं को दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। आरोप लगाया गया कि यह सभा धर्मांतरण के उद्देश्य से की जा रही थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभा को तत्काल रोक दिया। पुलिस ने बताया कि जिस मकान में सभा आयोजित की गई, उसके मालिक को पहले भी चेतावनी और नोटिस दिया गया था कि किसी भी धार्मिक सभा के लिए प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करते हुए कार्यक्रम किया गया।

मकान मालिक पर मामला दर्ज
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि मकान मालिक के खिलाफ धारा 188 (सरकारी आदेश का उल्लंघन) के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
- बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर धर्मांतरण की कोशिश की जा रही थी, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- वहीं, सभा में मौजूद लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक धार्मिक प्रार्थना थी, जिसे गलत तरीके से धर्मांतरण का रंग दिया गया।
प्रशासन का सख्त निर्देश
प्रशासन की ओर से फिर स्पष्ट किया गया है कि जिले में किसी भी तरह का धार्मिक आयोजन या सभा करने से पहले कलेक्टर की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।



