छत्तीसगढ़ में चुनावी बिगुल: निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, 5 मई को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट

छत्तीसगढ़ में स्थानीय राजनीति की सरगर्मी बढ़ने वाली है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों में होने वाले आम और उपचुनावों के लिए कमर कस ली है। आयोग ने मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) के पुनरीक्षण का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसके साथ ही चुनावी मशीनरी सक्रिय हो गई है। इस बार की मतदाता सूची 1 अप्रैल 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर तैयार की जा रही है। इसका मतलब है कि जो लोग इस तारीख तक संबंधित क्षेत्र के निवासी और पात्र मतदाता होंगे, वे ही मतदान प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।

5 मई को होगा अंतिम प्रकाशन

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक, मतदाता सूची की प्रारंभिक तैयारी के बाद 13 अप्रैल 2026 को इसका पहला प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद जनता को अपना नाम जांचने और किसी भी तरह की त्रुटि सुधारने का मौका मिलेगा। मतदाता 20 अप्रैल तक अपनी दावे-आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी शिकायतों और आवेदनों के निपटारे के बाद, 5 मई 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। इसी सूची के आधार पर तय होगा कि कौन वोट डालेगा और कौन चुनाव लड़ सकेगा।

1142 पदों पर मचेगा चुनावी घमासान

प्रदेश के 33 जिलों में फैले कुल 1142 पदों के लिए यह चुनावी कवायद हो रही है। इसमें नगर पालिकाओं के साथ-साथ गांवों की पंचायतों के पद भी शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम भारत निर्वाचन आयोग (लोकसभा/विधानसभा सूची) में दर्ज हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है, तो वह प्रारूप क-1 भरकर अपना दावा पेश कर सकता है।

नगरीय निकायों का समीकरण

नगरीय निकायों में इस बार काफी कुछ दांव पर है। उपचुनावों के तहत नगरपालिका परिषद सारंगढ़ और शिवपुर-चरचा में अध्यक्ष के 2 महत्वपूर्ण पद खाली हैं। इसके अलावा विभिन्न निकायों में पार्षदों के 15 पदों पर चुनाव होना है। सबसे खास नजर चार नवगठित नगर पंचायतों—घुमका, बम्हनीडीह, शिवनंदनपुर और पलारी—पर होगी, जहाँ अध्यक्ष के 4 और पार्षदों के कुल 60 पदों पर पहली बार चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पंचायतों में भी ‘चुनावी दंगल’

ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो त्रिस्तरीय पंचायतों में भी भारी संख्या में पद रिक्त हैं। आंकड़ों के अनुसार, जनपद पंचायत सदस्य के 8 पद, सरपंच के 78 पद और पंचों के 1056 पदों के लिए मतदान होगा। पंचायत चुनाव के दौरान ग्रामीण इलाकों में कड़ी सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने अभी से अधिकारियों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है।

अधिकारियों की ट्रेनिंग और मुद्रण

चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए रजिस्ट्रीकरण और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण सत्र 24 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, मतदाता सूची के मुद्रण का काम 9 अप्रैल तक हर हाल में खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों से सूची की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी मतदाता को अपना नाम ढूंढने में परेशानी न हो।

मतदाता ऐसे दर्ज कराएं अपना नाम

आयोग ने अपील की है कि युवा मतदाता और वे लोग जो हाल ही में संबंधित वार्ड या पंचायत में शिफ्ट हुए हैं, वे अपनी पात्रता सुनिश्चित कर लें। नाम जुड़वाने के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और फोटो के साथ फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। अंतिम तिथि निकलने के बाद सूची में बदलाव करना मुश्किल होगा, इसलिए स्थानीय निर्वाचन कार्यालयों या बीएलओ के संपर्क में रहना जरूरी है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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