
CG Yoga Teacher Protest: छत्तीसगढ़ में व्यायाम शिक्षक बनने की आस पाले हजारों युवा अब सरकार की नीति से नाराज़ हैं। राज्य में पिछले छह सालों से व्यायाम शिक्षकों की सीधी भर्ती रुकी हुई है। अब हालात ये हैं कि सरकार सहायक शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर या पदोन्नति के ज़रिए व्यायाम शिक्षक बना रही है। इससे नाराज़ छात्रों ने 21 जून, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दिन राजधानी रायपुर में आंदोलन का ऐलान कर दिया है।

NEP 2020 लागू, लेकिन नियुक्तियां ठप
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षा व्यायाम प्रशिक्षित संघ का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत निजी और सरकारी दोनों ही स्कूलों में व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य है। यहां तक कि शारीरिक शिक्षा की किताबें भी छप चुकी हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो नियुक्तियां हो रही हैं और न ही रिक्त पदों को भरा जा रहा है।

संघ के सदस्य करण साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में NEP लागू होने के बावजूद सरकारी स्कूलों में एक भी नया व्यायाम शिक्षक पिछले 6 सालों में भर्ती नहीं किया गया। इससे हजारों युवा जो सालों से इस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, वे निराश और बेरोजगार हैं।

“भर्ती का भरोसा दिया गया था, अब नजरअंदाज किया जा रहा है”
संघ के अध्यक्ष हेमंत सार्वा का कहना है कि भाजपा सरकार बनने से पहले उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि यदि भाजपा की सरकार बनी तो व्यायाम शिक्षकों की भर्ती होगी। अब सरकार बने दो साल हो गए, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

हेमंत सार्वा ने कहा,
“हमने डॉ. रमन सिंह के अलावा मंत्री ओपी चौधरी, टंकराम वर्मा और कई अन्य नेताओं से मुलाकात की है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन मिले हैं, कार्रवाई नहीं।”
76 हजार प्रशिक्षु बेरोजगार, मांगें हैं सीधी भर्ती की
प्रदेश में करीब 76,000 व्यायाम शिक्षक प्रशिक्षु बेरोजगार हैं। राज्य बने 25 साल हो गए, लेकिन अब तक सिर्फ 12-13 सौ नियुक्तियां ही की गई हैं। संघ का कहना है कि जैसे अन्य विषयों — हिंदी, गणित, विज्ञान आदि — में सीधी भर्ती होती है, उसी तरह शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों की भी सीधी भर्ती की जाए।

आंदोलन का ऐलान, सरकार से जवाब की उम्मीद
अब संघ ने फैसला लिया है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजधानी रायपुर में जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि यह विरोध किसी सरकार विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और रोजगार की लड़ाई है।



