GST Price Cut: नई GST दर के बाद दाम घटे लेकिन दुकानदार वसूल रहे पुरानी MRP, वित्त मंत्री ने बताया ऐसे करें शिकायत

रायपुर: GST Price Cut: 22 सितंबर से लागू हुए GST 2.0 के बाद साबुन, शैंपू, दवाइयां, बल्ब और सीमेंट जैसी 800 से ज्यादा वस्तुएं सस्ती हो गई हैं। केंद्र सरकार का दावा है कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी। लेकिन राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में दुकानदार अब भी पुरानी MRP पर ही सामान बेच रहे हैं। इस पर राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सख्त रुख अपनाया है और उपभोक्ताओं से शिकायत करने की अपील की है।

पुरानी कीमत पर बिक्री, ग्राहक हो रहे परेशान

रायपुर के पंडरी, देवेंद्र नगर और सिविल लाइन्स जैसे बाजारों में दुकानदार नई दरें लागू नहीं कर रहे हैं। कई व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने यह माल पुरानी दर पर खरीदा है, इसलिए नए रेट पर बेचने से नुकसान होगा। कुछ दुकानदारों ने यह भी कहा कि सरकार की गाइडलाइन बहुत लंबी है और उसे समझने में समय लगेगा।

“नई दरें लागू, ग्राहक कर सकते हैं शिकायत” – चौधरी

GST Complaint No: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि घटे हुए GST रेट्स का लाभ हर ग्राहक को मिलना चाहिए। यदि कोई दुकानदार पुरानी MRP पर ही सामान बेच रहा है, तो ग्राहक उसे नई दरों के अनुसार सामान देने के लिए कह सकते हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1915 या WhatsApp नंबर 8800001915 पर संपर्क किया जा सकता है।

पुराने स्टॉक पर भी री-स्टिकरिंग जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि पुराने स्टॉक पर भी री-स्टिकरिंग कर नई कीमत दर्शाना जरूरी है। इसके बावजूद कई छोटे और मध्यम दुकानदार जानबूझकर या जानकारी के अभाव में ऐसा नहीं कर रहे हैं।

बिल नहीं देना भी टैक्स चोरी

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि कई दुकानदार बिल देने से बच रहे हैं। यह सीधे तौर पर टैक्स चोरी है। ऐसे मामलों में ग्राहक INGRAM पोर्टल, UMANG ऐप या टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि GST विभाग की टीमें लगातार फील्ड विजिट कर रही हैं और दुकानों की जांच कर रही हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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