
रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा और कस दिया है। जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर से जुड़ी 2.66 करोड़ रुपये की आठ अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है। जब्त की गई इन संपत्तियों में जमीन के कई टुकड़े और आलीशान रिहायशी फ्लैट शामिल हैं। ईडी की रायपुर जोनल टीम ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह कार्रवाई की है। इस ताजा एक्शन के बाद इस पूरे घोटाले में अब तक अटैच की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा बढ़कर 273 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई थी जमीन
ईडी की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि घोटाले की कमाई को ठिकाने लगाने के लिए सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर ने अपने करीबियों और रिश्तेदारों का इस्तेमाल किया था। कुर्क की गई संपत्तियां इन्हीं रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज थीं, लेकिन इनका भुगतान कोयला लेवी की अवैध वसूली से मिली रकम से किया गया था। एजेंसी का कहना है कि यह पैसा कोयला ट्रांसपोर्टरों से डरा-धमकाकर वसूला गया था, जिसे बाद में अचल संपत्तियों में निवेश कर सफेद करने की कोशिश की गई।
तीन अलग-अलग एफआईआर से शुरू हुई जांच
इस बड़े घोटाले की परतें खोलने के लिए ईडी ने बेंगलुरु पुलिस, आयकर विभाग और छत्तीसगढ़ ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा दर्ज मामलों को आधार बनाया है। जांच की शुरुआत बेंगलुरु में दर्ज एफआईआर और बाद में आयकर विभाग की शिकायतों से हुई। इसके बाद 11 जनवरी 2024 को छत्तीसगढ़ एसीबी और ईओडब्ल्यू ने भी इस सिंडिकेट के खिलाफ मामला दर्ज किया। इन सभी रिपोर्टों में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल तलाशना शुरू किया।
540 करोड़ की अवैध वसूली का पूरा गणित
जांच में सामने आया कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच राज्य में एक पावरफुल सिंडिकेट सक्रिय था। इस समूह में रसूखदार राजनेता, वरिष्ठ नौकरशाह और निजी बिचौलिए शामिल थे। इन्होंने नियम बनाया था कि राज्य में ट्रांसपोर्ट होने वाले हर टन कोयले पर 25 रुपये की लेवी वसूली जाएगी। इस दो साल की अवधि में सिंडिकेट ने करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। इस काली कमाई का इस्तेमाल चुनाव फंड, अफसरों को रिश्वत देने और महंगी प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया।
अब तक 11 गिरफ्तार और 35 पर चार्जशीट
कोयला घोटाले में कानूनी कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर है। ईडी इस मामले में अब तक 11 रसूखदारों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इसके अलावा 35 आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में पांच अलग-अलग चार्जशीट (अभियोजन शिकायतें) पेश की जा चुकी हैं। एजेंसी ने साफ किया है कि जांच अभी थमी नहीं है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, सौम्या चौरसिया और अन्य आरोपियों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।



