
धरमजयगढ़: Adani Coal Mines: धरमजयगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित अडानी कोल माइंस की जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। प्रभावित गाँवों के लोग अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए एकजुट होकर डटे हुए हैं। इसी क्रम में ग्राम पुरूंगा में एक विशाल महासभा का आयोजन किया गया, जिसमें पुरूंगा, तेंदूमुड़ी और साम्हरसिंगा सहित आसपास के अंचलों से किसान, महिलाएँ और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह महासभा अब सिर्फ विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि एकजुटता और पर्यावरण-संरक्षण की बुलंद आवाज़ बन गई है।
किसानों के पक्ष में दो विधायकों ने भरी हुंकार
इस महत्त्वपूर्ण महासभा में दो क्षेत्रीय विधायकों ने शामिल होकर किसानों के समर्थन में अपना अडिग रुख दिखाया।
रामपुर विधायक फुलसिंह राठिया का समर्थन
कोरबा जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक फुलसिंह राठिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने मंच से किसानों की आवाज़ को बुलंद करते हुए कहा कि किसान अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे हैं और अडानी कोल माइंस की जनसुनवाई को किसी भी हाल में रद्द कराना होगा। उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में भी जोरदार तरीके से उठाने का आश्वासन दिया और इसे ‘हमारी धरती और अस्तित्व की लड़ाई’ बताया।

धरमजयगढ़ विधायक लालजीत राठिया का रुख
क्षेत्रीय विधायक लालजीत राठिया भी कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने अपने समर्थन को दोहराते हुए कहा कि वह पहले भी अपने क्षेत्र के किसानों के साथ थे और आज भी उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र में किसी भी ऐसी परियोजना की कोई जगह नहीं है, जो यहाँ के पर्यावरण, जल-जंगल-जमीन या लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाए।

ग्रामीणों का संकल्प: ‘जब तक रद्द नहीं, आंदोलन जारी’
सभा में ग्रामीणों ने एक स्वर में अपना संकल्प दोहराया कि जब तक प्रस्तावित कोल माइंस की जनसुनवाई रद्द नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। सभा के दौरान, “जल-जंगल-जमीन हमारी है, नहीं किसी के बाप की जागीर है!” जैसे नारे गूंजते रहे, जो उनके दृढ़ निश्चय को दर्शाता है।




