
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर धमतरी जिले की तीनों विधानसभा सीटों सिहावा, कुरूद और धमतरी की फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन आज 21 फरवरी 2026 को कर दिया गया है। विशेष गहन पुनरीक्षण का यह अभियान 23 दिसंबर से 22 जनवरी तक चला, जिसमें बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर नए नाम जोड़ने और अशुद्धियों को सुधारने का काम किया। इस दौरान मृत मतदाताओं और दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम सूची से हटाए गए ताकि एक पारदर्शी और त्रुटिहीन वोटर लिस्ट तैयार की जा सके।
जिले में मतदाताओं का नया आंकड़ा
पुनरीक्षण अभियान के बाद जिले में कुल 8,253 नए मतदाता बढ़े हैं। 23 दिसंबर 2025 को जब शुरुआती सूची जारी हुई थी, तब कुल मतदाताओं की संख्या 5,97,789 थी। अब अंतिम प्रकाशन के समय यह आंकड़ा बढ़कर 6,06,042 हो गया है। इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या में अधिक इजाफा हुआ है। जिले में अब 3,06,824 महिला मतदाता हैं, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,99,214 दर्ज की गई है।
युवा वोटरों ने दिखाया जबरदस्त उत्साह
पहली बार वोट देने वाले युवाओं को जोड़ने के लिए प्रशासन ने कॉलेजों में विशेष शिविर लगाए थे। इसका असर आंकड़ों में साफ दिख रहा है। 18-19 साल की उम्र के नए मतदाताओं की संख्या 5,770 से उछलकर सीधे 8,881 पहुंच गई है। यानी अकेले इस आयु वर्ग में 3,111 युवा मतदाता बढ़े हैं। इसी तरह 20-29 साल के वर्ग में भी 4,216 नए नाम दर्ज हुए हैं। चुनाव आयोग ने उन युवाओं से भी एडवांस आवेदन लिए हैं जो साल 2026 में 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर को 18 साल के होने वाले हैं।
दिव्यांग और वरिष्ठ मतदाताओं की स्थिति
प्रशासन ने समाज के हर वर्ग को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की है। इसी का नतीजा है कि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या में 182 की बढ़ोतरी हुई है और अब जिले में कुल 6,604 दिव्यांग वोटर पंजीकृत हैं। दूसरी ओर, 80 साल से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या में मामूली कमी आई है। पहले यह संख्या 4,536 थी, जो अब 4,532 रह गई है। मृत्यु या निवास परिवर्तन के कारण 4 बुजुर्ग मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
दावा-आपत्तियों का हुआ त्वरित निपटारा
मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले 14 फरवरी तक प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों का निराकरण कर लिया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जिले में कुल 7,550 नए नाम जोड़े गए, जबकि अपात्र पाए गए 1,409 नामों को हटाया गया। इसके अलावा विसंगति वाले नामों में संशोधन की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह सूची आगामी चुनावों के लिए आधार बनेगी और मतदाता अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्रों पर जाकर इसका अवलोकन कर सकते हैं।
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