
बिलासपुर: Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित मस्तूरी निवासी एक परिवार के लिए दिवाली की खुशियाँ उस समय मातम में बदल गईं, जब 10 वर्षीय काव्या सिंह के साथ पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। पूजा की एक छोटी घंटी मासूम बच्ची की आँख से होते हुए सीधे उसके मस्तिष्क तक जा पहुँची, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
पूजा के दौरान फिसला पैर, घंटी आँख में घुसी
यह भयावह घटना तब हुई जब दीपक सिंह अपने परिवार के साथ घर में पूजा कर रहे थे। इसी दौरान उनकी बेटी काव्या खेलते-खेलते पूजा स्थल के पास पहुँच गई। अचानक उसका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। नीचे रखी हुई पूजा की घंटी का नुकीला सिरा बच्ची की आँख में जा घुसा। हादसा इतना भयावह था कि घंटी का सिरा बच्ची के मस्तिष्क (Brain) के ऊपरी हिस्से तक पहुँच गया।
प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर एम्स रेफर
इस गंभीर हादसे के बाद परिजनों ने तुरंत काव्या को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। सिम्स में भी जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो रातों-रात उसे रायपुर एम्स (AIIMS) भेजा गया।
एम्स में हुई जटिल सर्जरी
रायपुर एम्स में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तुरंत बच्ची का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी (Complex Surgery) करके सफलतापूर्वक घंटी को उसके सिर से बाहर निकाला। बच्ची को बचाने की यह कोशिश बेहद चुनौतीपूर्ण थी।
डॉक्टरों के अनुसार आँख हुई पूरी तरह क्षतिग्रस्त
एम्स के डॉक्टरों के अनुसार, इस गंभीर हादसे में काव्या की एक आँख पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके अलावा, घंटी के घुसने के कारण दिमाग के ऊपरी हिस्से पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। डॉक्टरों का कहना है कि चोट बेहद गंभीर है, फिर भी वे बच्ची को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
बच्ची की हालत नाजुक, परिवार सदमे में
फिलहाल बच्ची काव्या की हालत नाजुक बनी हुई है और एम्स में डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। दीपावली जैसी खुशियों भरी रात में हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार और इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना लोगों को यह संदेश भी दे रही है कि पूजा-पाठ या उत्सव के दौरान बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना कितना आवश्यक है।



