राजिम कुंभ और सिहावा मेले में सुरक्षा का कड़ा इंतजाम, 23 गुमशुदा बच्चे सकुशल परिवारों से मिले

धमतरी जिले में इस वर्ष आयोजित राजिम कुंभ और अन्य प्रमुख मेलों के दौरान पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष व्यवस्था की। 15 दिनों तक चले राजिम कुंभ मेले के साथ कर्णेश्वर सिहावा मेला सहित कुल पांच बड़े आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस दौरान 23 गुमशुदा बच्चों समेत कई बिछड़े लोगों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया।

एसपी ने किया स्थल निरीक्षण, दिए स्पष्ट निर्देश

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने राजिम स्थित श्री कुलेश्वर महादेव मंदिर परिसर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी में लगे अधिकारियों और जवानों को भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। वरिष्ठ अधिकारियों की लगातार निगरानी से मेले का संचालन व्यवस्थित रहा।

पांच प्रमुख मेलों में तैनात रहा अतिरिक्त बल

जिले में कुलेश्वर राजिम कुंभ मेला, कर्णेश्वर सिहावा मेला, कोदोरास भखारा मेला, देवपुर अर्जुनी मेला और रुद्रेश्वर रुद्री मेला आयोजित हुए। इन सभी स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। पेट्रोलिंग बढ़ाई गई, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और यातायात को नियंत्रित करने के लिए अलग व्यवस्था की गई।

19 बच्चे राजिम मेले में हुए थे गुम

राजिम कुंभ के दौरान 19 बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। इनमें 13 बालक और 6 बालिकाएं शामिल थीं। सभी की उम्र 18 वर्ष से कम थी। पुलिस ने तत्काल अनाउंसमेंट, कंट्रोल रूम समन्वय और मैदान में लगातार खोजबीन के जरिए सभी बच्चों को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया।

अन्य गुमशुदा लोगों को भी मिलाया परिवार से

मेले के दौरान 2 महिलाएं और 6 पुरुष भी भीड़ में बिछड़ गए थे। पुलिस ने उनकी भी पहचान कर उन्हें परिवार से मिलाया। इसी तरह रुद्रेश्वर रुद्री मेले में गुम हुए 4 बच्चों को भी सकुशल घर पहुंचाया गया। कुल मिलाकर 23 बच्चों को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया गया।

असामाजिक तत्वों पर रखी गई सख्त नजर

मेले के दौरान किसी तरह का विवाद न हो, इसके लिए पुलिस ने असामाजिक तत्वों पर नजर रखी। हाथों में पहने भारी कड़े और अन्य वस्तुएं उतरवाई गईं, ताकि मारपीट जैसी घटनाओं की आशंका कम हो। पुलिस की मौजूदगी से माहौल शांत रहा।

महाशिवरात्रि की शिव बारात शांतिपूर्वक संपन्न

महाशिवरात्रि के अवसर पर निकली भगवान शिव की बारात और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। जुलूस मार्ग पर पुलिस तैनात रही और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया।

भीड़ प्रबंधन के लिए पहले से बनाई गई थी योजना

श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए पहले से विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया गया था। प्रवेश और निकास मार्ग तय किए गए, लाउडस्पीकर से लगातार सूचनाएं दी गईं और खोया-पाया केंद्र सक्रिय रखा गया। इससे भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली।

पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि बड़े आयोजनों में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन का कहना है कि आगे भी ऐसे आयोजनों में सुरक्षा और जनसहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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