
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों में छोटे बच्चों की शिक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश में किसी भी नाम से संचालित होने वाले प्ले स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग से पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के बच्चों को पढ़ाना अब कानूनी रूप से गलत माना जाएगा और विभाग ऐसे संस्थानों को बंद करने की कार्रवाई करेगा। रायगढ़ शहर में इस नियम को लेकर हलचल तेज हो गई है, जहां अब तक केवल चार प्ले स्कूलों ने ही अपना पंजीयन पूरा कराया है। बाकी स्कूलों की स्थिति जांचने के लिए विभाग ने विशेष टीमों का गठन कर दिया है, जो जल्द ही मैदानी निरीक्षण शुरू करेंगी।
जांच के लिए विशेष टीम गठित: शहरी और ग्रामीण इलाकों में होगा सघन निरीक्षण, प्ले क्लास चलाने के लिए अब लेनी होगी मंजूरी
शिक्षा विभाग की ओर से बनाई गई टीमें अब शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सक्रिय होंगी। ये टीमें गली-मोहल्लों में चल रहे प्ले स्कूलों का जायजा लेंगी और यह पता लगाएंगी कि वहां प्ले कक्षाएं संचालित करने के लिए विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल वे ही स्कूल प्ले कक्षाएं चला सकेंगे जिनके पास वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट होगा। यह नियम इसलिए लाया गया है ताकि छोटे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो। विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह पंजीयन एक बार की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे समय-समय पर रिन्यू कराना भी जरूरी होगा।
डिफॉल्टर स्कूलों में मचा हड़कंप, नियमों की अनदेखी पर प्रशासन दिखाएगा कड़ा रुख
जिन स्कूलों ने अब तक अपना पंजीयन नहीं कराया है, उनके लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि जो स्कूल रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे, उन्हें प्री-प्राइमरी या प्ले कक्षाएं चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे स्कूल केवल कक्षा पहली से ही अपना संचालन कर पाएंगे। इस आदेश के बाद रायगढ़ सहित प्रदेश के अन्य जिलों के निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि स्कूलों को बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा, तभी उन्हें बच्चों के भविष्य के साथ जुड़ने की अनुमति दी जाएगी।
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