
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि सेवानिवृत्त अधिकारी के घर पर लंबे समय से ‘चंगाई सभा’ के नाम पर मतांतरण का खेल चल रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जांच टीम अब इस आयोजन के पीछे के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की तलाश कर रही है।
चंगाई सभा और हिंदू संगठनों का विरोध
मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र के नमनाकला इलाके का है। बीते रविवार को रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर पर एक बड़ी सभा आयोजित की गई थी। इसकी सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सभा के भीतर करीब 50 से अधिक लोग मौजूद थे और वहां हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही जा रही थीं। संगठन का दावा है कि भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था।
पुलिस को रोकने की कोशिश और तीखी बहस
हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस और नायब तहसीलदार की टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि जब पुलिस ने घर के भीतर प्रवेश करने की कोशिश की, तो ओमेगा टोप्पो ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने अधिकारियों से पहचान पत्र और जांच के लिखित आदेश मांगे। काफी जद्दोजहद के बाद जब पुलिस अंदर दाखिल हुई, तो वहां एक रजिस्टर मिला जिसमें सभा में शामिल होने वाले लोगों के नाम और पते दर्ज थे। पुलिस ने इस अहम सुराग को फौरन जब्त कर लिया।
बिना अनुमति हर रविवार लगता था जमावड़ा
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस घर में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के हर रविवार को सभा आयोजित की जाती थी। पुलिस को संदेह है कि चार से पांच लोगों का धर्मांतरण कराने की प्रक्रिया चल रही थी। रोशन तिवारी नामक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला अधिकारी पूछताछ के दौरान पहले सहयोग नहीं कर रही थीं।
रजिस्टर से खुलेंगे मतांतरण के राज
पुलिस ने जो रजिस्टर बरामद किया है, उसमें दर्ज लोगों के बयानों के आधार पर केस को आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि सभा में शामिल होने वाले लोग दूर-दराज के इलाकों से आते थे। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इन लोगों को आर्थिक सहायता या किसी अन्य लाभ का लालच दिया गया था। जब्त दस्तावेज इस पूरे मामले में सबसे बड़े सबूत के तौर पर देखे जा रहे हैं।
आरोपी को भेजा गया जेल
गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपी ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार कर स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह एक गंभीर मामला है जिसमें एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी की संलिप्तता पाई गई है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित कर रहा है कि क्षेत्र में शांति बनी रहे और इस तरह की अवैध सभाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
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