
धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। इस बार 10 ऐसे पूर्व नक्सली कार्यक्रम के साक्षी बने, जिन्होंने हाल ही में हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में इन लोगों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को देखा। एसपी सूरज सिंह परिहार ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह इन लोगों को समाज की मुख्यधारा और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
तिरंगे की सलामी और 14 प्लाटूनों का भव्य मार्च पास्ट
समारोह के मुख्य अतिथि कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। मैदान में जिला पुलिस बल, नगर सेना, एनसीसी और स्काउट-गाइड की 14 प्लाटूनों ने कदमताल करते हुए शानदार मार्च पास्ट किया। इस दौरान शांति के प्रतीक तीन रंगों के गुब्बारे आसमान में छोड़े गए और हर्ष फायर किया गया। विधायक ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करते हुए प्रदेशवासियों को सुख-समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।
झांकियों में दिखी विकास की झलक और शहीदों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान 11 अलग-अलग सरकारी विभागों ने अपनी आकर्षक झांकियां निकालीं, जिनमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। विधायक अजय चंद्राकर ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही, उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिस जवानों और अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। अजय चंद्राकर ने भरोसा जताया कि 31 मार्च के बाद धमतरी जिला नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होकर विकास के नए मानकों पर खरा उतरेगा।
छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और देशभक्ति गीतों की गूँज
मैदान में स्कूली बच्चों द्वारा पेश किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबका मन मोह लिया। “जय भारतीया” और “छत्तीसगढ़ के सुरतियां” जैसे गीतों पर छात्र-छात्राओं ने लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया। सांस्कृतिक स्पर्धा में सर्वोदय इंग्लिश मीडियम स्कूल ने पहला, एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह ने दूसरा और पीएम श्री बठेना विद्यालय ने तीसरा स्थान हासिल किया। विजेताओं को मुख्य अतिथि के हाथों शील्ड और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।



