
धमतरी: जिले में लगातार बारिश के चलते प्रमुख जलाशय भराव स्तर तक पहुंच गए हैं। स्थिति को देखते हुए गंगरेल बांध के 8 गेट खोलकर नदी में 55,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सोंदूर जलाशय से भी दोपहर में 6,000 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के पास न जाने की अपील की है।

कलेक्टर ने लिया जायजा
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने देर शाम गंगरेल बांध पहुंचकर जल निकासी की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। खासकर शनिवार और रविवार को बढ़ने वाली पर्यटकों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।

जलस्तर तेजी से बढ़ा
कार्यपालन अभियंता ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक बांध से 27,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन देर शाम इसे बढ़ाकर 55,000 क्यूसेक कर दिया गया। बढ़ी हुई निकासी से नदी और नालों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है। इसी कारण दुर्घटनाओं की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
सुरक्षा बलों की तैनाती
भीड़ और पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक बड़े बांध स्थल पर दो-दो सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि इससे न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
कलेक्टर की अपील
कलेक्टर ने कहा कि लोग नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और उफनते नालों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। उन्होंने ग्रामीणों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा और बच्चों को नदी-नालों के पास न जाने की हिदायत दी। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ में फंसे पुजारी का रेस्क्यू
इसी बीच जिले के नवीन जोरा तराई (थाना कुरुद) में एक बड़ी घटना टल गई। यहां मंदिर के पुजारी इतवारी राम कश्यप (65 वर्ष) नदी के बीच बने टापू में फंस गए थे। जलस्तर बढ़ने से वे बाहर नहीं निकल पा रहे थे।

सूचना मिलते ही जिला सेनानी शोभा ठाकुर ने तुरंत रेस्क्यू टीम को मोटर बोट के साथ रवाना किया। दल ने समय रहते पुजारी को सुरक्षित निकालकर उनके परिजनों को सौंप दिया।
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जवानों की सराहना
रेस्क्यू अभियान में शामिल जवानों कलीराम ध्रुव, अनिल नेताम, टिकेश साहू, नरेंद्र डहरिया, दुष्यंत नेताम और चन्द्र कुमार की तत्परता की प्रशासन ने सराहना की। प्रशासन का कहना है कि समय पर की गई कार्रवाई से बड़ी जनहानि टल गई और यह साबित हुआ कि जिला प्रशासन और बचाव दल हर आपात स्थिति में तैयार हैं।
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