
धमतरी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2024-26 के लिए तय किए गए लक्ष्यों को हर हाल में समय पर पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों को छत मुहैया कराना शासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर देरी या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो आवास अब भी अधूरे हैं, उनकी पहचान कर समस्याओं को तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ता से समझौता किया तो तय होगी जवाबदेही
बैठक में केवल मकान बनाने की संख्या पर ही नहीं बल्कि उनकी मजबूती पर भी जोर दिया गया। सीईओ ने सख्त लहजे में कहा कि आवास केवल कागजों पर लक्ष्य पूरा करने के लिए नहीं बल्कि मानकों के अनुरूप मजबूत होने चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित रूप से साइट पर जाकर भौतिक सत्यापन करें और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचें। यदि किसी घर के निर्माण में तकनीकी खामी या घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया, तो संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फील्ड अमले को समय सीमा में काम खत्म करने का अल्टीमेटम
अपूर्ण आवासों को लेकर सीईओ ने जनपद पंचायतों और मैदानी अमले को एक निश्चित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का अंतिम मौका दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि हर अधूरे मकान के लिए एक अलग कार्ययोजना बनाई जाए ताकि तकनीकी या हितग्राही स्तर की बाधाओं को दूर किया जा सके। सभी जनपद पंचायतों को हिदायत दी गई है कि निर्धारित अवधि में शत-प्रतिशत आवास पूर्ण होने चाहिए। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि अगली समीक्षा बैठक तक सुधार न दिखने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।



