Raipur Water Crisis: रायपुर में पेयजल संकट का हल तलाशने रोबोट करेगा पाइपलाइन की जांच

रायपुर: Raipur Water Crisis: नगर निगम जोन 4 के ब्राम्हणपारा वार्ड में लगातार चार महीने से पानी की किल्लत बनी हुई है। गर्मी के दिनों से शुरू हुई परेशानी अब अगस्त तक भी खत्म नहीं हो सकी है। मोहल्ले के चार हिस्सों में रहने वाले लोग अब भी पार्षद अजय साहू से पानी के टैंकर की मांग कर रहे हैं। निगम की ओर से इस दौरान कई बार तकनीकी जांच और लाइन सुधार जैसे उपाय किए गए, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। अब इसी कड़ी में निगम ने पाइपलाइन के अंदर की स्थिति जानने के लिए रोबोटिक तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है।

पाइपलाइन में उतरेगा रोबोट, ब्राम्हणपारा से होगी शुरुआत

Brahmanpara Ward Water Issue: नगर निगम के जलकार्य विभाग के कार्यपालन अभियंता नरसिंग फरेंद्र ने बताया कि जांच के लिए सोनालाइट कंपनी की मशीन लाई गई है। यह खास तौर पर पेयजल पाइपलाइनों की जांच के लिए बनी है। दुर्ग में इसका परीक्षण पहले हो चुका है और वहां से सकारात्मक परिणाम मिले थे। अब रायपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसे ब्राम्हणपारा के सोहागा मंदिर के पीछे वाले हिस्से की पाइपलाइन में उतारा जाएगा। निगम को इस परीक्षण के लिए कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना होगा। यदि जांच सफल रहती है तो इसे शहर के अन्य संकटग्रस्त इलाकों में भी आजमाया जाएगा।

नगर निगम के लिए चुनौती बना ब्राम्हणपारा, पार्षद ने जताई नाराज़गी

Raipur Municipal Corporation: नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने बताया कि शहर के मध्य स्थित ब्राम्हणपारा मोहल्ले की पानी की समस्या लगातार निगम के सामने चुनौती बनी हुई है। जल्द ही इसका स्थायी समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। वहीं वार्ड पार्षद अजय साहू का कहना है कि अधिकारी गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, यही वजह है कि अब तक कोई ठोस हल नहीं निकला।

ईदगाहभाठा और मोतीबाग टंकी से हो रही सप्लाई, फिर भी मोहल्ले प्यासे

Robotic Pipeline Inspection: ब्राम्हणपारा की जलापूर्ति ईदगाहभाठा और मोतीबाग की पानी टंकी से होती है। इनमें से ईदगाहभाठा टंकी इस वार्ड के सबसे नजदीक है। मोहल्ले के धोबीपारा, पंचपथपारा गली, अवधियापारा और सिंधी गली जैसे हिस्सों में पानी की लाइन ईदगाहभाठा टंकी से जुड़ी है। बावजूद इसके यहां पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा है।

स्थिति को सुधारने के लिए निगम ने सारथी चौक से नई पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई है। इसके लिए करीब 40 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।

अब निगाहें रोबोटिक जांच के नतीजों पर

Raipur Nagar Nigam: फिलहाल निगम और स्थानीय लोग इस नई तकनीकी जांच से उम्मीद लगाए बैठे हैं। अगर पाइपलाइन में कोई ब्लॉकेज, लीकेज या अन्य तकनीकी कारण सामने आता है, तो उस आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। इससे न केवल ब्राम्हणपारा बल्कि शहर के अन्य प्रभावित इलाकों में भी समाधान का रास्ता खुल सकता है।

Also Read: छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा “आदि कर्मयोगी अभियान”, जनजातीय परिवारों को योजनाओं से किया जाएगा लाभान्वित

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button