
RSS New Expansion Plan Gen Z: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) छत्तीसगढ़ में अपने संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में संघ के कामकाज को अब बिलासपुर और रायपुर इन दो अलग-अलग प्रांतों में विभाजित किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों प्रांतों के लिए अलग-अलग प्रांत प्रचारक नियुक्त किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कसावट लाना और नई पीढ़ी यानी जेन-जी युवाओं तक संघ की पहुंच को और अधिक मजबूत करना है।
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर और रायपुर होंगे नए प्रशासनिक प्रांत
RSS Chhattisgarh Prant Vibhajan: संगठनात्मक विस्तार की इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ को दो हिस्सों में बांटा जा रहा है। बिलासपुर प्रांत के अंतर्गत जशपुर, बलरामपुर, रायगढ़ और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी समेत आसपास का पूरा क्षेत्र शामिल किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ, रायपुर प्रांत के दायरे में मध्य छत्तीसगढ़ और दक्षिण छत्तीसगढ़ का पूरा भूभाग आएगा। इस भौगोलिक विभाजन से क्षेत्रीय स्तर पर संघ की गतिविधियों को गति देने और जिम्मेदारियां तय करने में काफी आसानी होगी।
जनवरी 2027 से नई व्यवस्था लागू करने और शाखाओं के विस्तार का लक्ष्य
RSS Chhattisgarh Organization Split: संघ के उच्च सूत्रों के अनुसार, इस पूरी संगठनात्मक योजना को आगामी वर्ष यानी जनवरी 2027 से पूरी तरह धरातल पर उतारने की तैयारी चल रही है। वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश के 34 जिलों के 1,643 स्थानों पर संघ की कुल 2,188 शाखाएं संचालित हो रही हैं। नई व्यवस्था के तहत अकेले राजधानी रायपुर में ही लगभग 300 नए स्थानों पर नई शाखाएं शुरू करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ा जा सके।
जेन-जी युवाओं को जोड़ने और स्थानीय स्तर पर संवाद बढ़ाने पर जोर
RSS Sakha Expansion Chhattisgarh 2027: बदलते दौर के साथ युवाओं की रुचि और उनकी सहभागिता को ध्यान में रखते हुए संघ अपनी कार्यपद्धति में बदलाव कर रहा है। जेन-जी वर्ग तक अपनी बात पहुंचाने और उन्हें वैचारिक रूप से जोड़ने के लिए आधुनिक संवाद माध्यमों और स्थानीय बैठकों का सहारा लिया जाएगा। प्रांतों का यह विभाजन और शाखाओं का यह नया विस्तार इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे आने वाले समय में स्वयंसेवकों के बीच आपसी समन्वय और संवाद को और अधिक व्यापक बनाया जा सके।



