
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट शनिवार को रायपुर पहुंचे और सीधे सेंट्रल जेल पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। दोनों इस वक्त छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद हैं।
जेल से निकलते ही पायलट का हमला- “सरकार विपक्ष को कुचलना चाहती है”
CG Political News: जेल से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा कि चैतन्य बघेल ने उन्हें बताया है कि वे न्यायिक लड़ाई लड़ेंगे। सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार विपक्षी नेताओं को टारगेट कर रही है। उन्होंने कहा, “ये सब सिर्फ डराने और दबाने की कोशिश है। लोकतंत्र में जो परंपराएं होती हैं, उन्हें ताक पर रख दिया गया है।”

ED, CBI, IT… सब भाजपा के हथियार बन गए हैं
Chaitanya Baghel Jail: पायलट ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। बोले, “ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी संवैधानिक एजेंसियों का इस्तेमाल भाजपा अपने विरोधियों को डराने के लिए कर रही है। बीते 10 सालों में कोई एक भाजपा नेता नहीं है, जिस पर ऐसी एजेंसी ने जांच की हो।” उन्होंने सवाल उठाया, “क्या भाजपा में सब दूध के धुले हैं?”
भूपेश बघेल को टारगेट करने की वजह से बेटे को फंसाया गया
भाजपा के इस आरोप पर कि चैतन्य बघेल कांग्रेस में नहीं हैं, फिर भी पार्टी उनका बचाव कर रही है — इस पर सचिन पायलट ने साफ कहा, “भूपेश बघेल हों या उनका बेटा, सब कांग्रेस परिवार का हिस्सा हैं। जो भी नेता कांग्रेस से जुड़ा है या उसके करीब है, भाजपा उन्हें टारगेट कर रही है।”
कांग्रेस भवन में हुई बैठक, रणनीति पर मंथन
जेल से निकलने के बाद सचिन पायलट राजीव भवन (कांग्रेस कार्यालय) पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी नेताओं से बंद कमरे में चर्चा की। इस मीटिंग में प्रभारी सचिव विजय जांगिड़, जरिता लैतफलांग, ताम्रध्वज साहू, विकास उपाध्याय समेत कई नेता मौजूद रहे। माना जा रहा है कि इस बैठक में आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। सचिन पायलट ने साफ कहा कि चैतन्य बघेल और लखमा पर कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। अब देखना यह है कि कांग्रेस अगला कदम क्या उठाती है।



