
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आगामी 4 फरवरी 2026 को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह बैठक सुबह 11:30 बजे नया रायपुर स्थित मंत्रालय ‘महानदी भवन’ में आयोजित की जाएगी। सरकार के इस जमावड़े को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं क्योंकि इसमें राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दी जा सकती है। बैठक खत्म होने के बाद वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी।
पिछली बैठक में आबकारी और शिक्षा पर हुए थे फैसले
इससे पहले 21 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास में हुई कैबिनेट बैठक में कई नीतिगत बदलावों को मंजूरी दी गई थी। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई थी। साथ ही प्रशासन को इससे संबंधित आगामी कार्यवाहियों के लिए अधिकार सौंपे गए थे। पिछली बैठक के फैसलों का असर राज्य की राजस्व नीति और प्रशासनिक ढांचे पर देखने को मिल रहा है।
नवा रायपुर बनेगा एजुकेशन हब, NMIMS को जमीन आवंटित
राज्य सरकार ने नवा रायपुर को शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके प्रसिद्ध संस्थान ‘नरसी मोंजी’ (NMIMS) की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में करीब 40 एकड़ जमीन 90 साल की लीज पर देने का निर्णय लिया है। यह संस्था राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग के लिए जानी जाती है। इसके आने से छत्तीसगढ़ के छात्रों को अपने ही राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा और प्रबंधन की पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे।
आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 4 नए केंद्र
तकनीकी विकास और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ हाथ मिलाया है। मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में 4 नए उद्यमिता केंद्र स्थापित करने के लिए एमओयू को मंजूरी दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योगों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि तकनीकी स्टार्टअप्स को भी अपनी पहचान बनाने के लिए जरूरी संसाधन और मार्गदर्शन मिल सकेगा।



